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इस यंत्र से रात में मिलों दूर देख सकेगी सेना
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 04 Mar 2014 10:44 AM IST
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सेना को अंधेरी रात में 40 किलोमीटर दूर तक देखने वाले थर्मल इमेजर की मदद मिलेगी।
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मानव रहित विमान
यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आईआरडीई) ने थर्मल इमेजर के रात में देखने की क्षमता बढ़ाने के लिए तकनीक विकसित कर चुका है। मानव रहित विमान (यूएवी) रुस्तम पर इस थर्मल इमेजर को लगाया गया है।
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जिसका जल्द सैन्य स्तर से ट्रायल शुरू होगा। आईआरडीई ऑप्टिक्स के क्षेत्र में सेना के लिए दिन और रात में दुश्मन पर नजर रखने की क्षमता बढ़ाने वाले उपकरण विकसित करता है।
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सेना के टैंकों टी 90, टी 72 और अर्जुन टैंक के लिए कमांडर साइट बनाने से लेकर इंसास राइफल के लिए होलाग्राफिर साइट तैयार कर चुका डीआरडीओ अब अधिक दूरी तक रात में देखने की क्षमता वाले थर्मल इमेजर बना रहा है।
सफलता पूर्वक कर चुके हैं टेस्टमानव रहित विमान रुस्तम के लिए विकसित किये थर्मल इमेजर की क्षमता को संस्थान तीस से चालीस किलोमीटर के बीच सफलता पूर्वक टेस्ट कर चुका है। अब उपकरण को सेना के हवाले ट्रायल करवाने की तैयारी चल रही है।
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निदेशक आईआरडीई डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि रुस्तम पर लैस थर्मल इमेजर सैन्य ट्रायल के लिए तैयार है। बेहतरीन तकनीक के चलते बंदूकों की होलोग्राफिक साइट के चार हजार उपकरण बनाने के आर्डर सेना से मिला है।
धुंध को पार लेंगे जल्द
आप्टिक्स के क्षेत्र में आईआरडीई एक नए क्षेत्र में शोध कर रहा है, जिसमें धुंध या कोहरे की स्थिति को पार पाने के लिए इमेजर बनाया जाएगा।
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यह परियोजना अभी शोध स्तर पर है, जिसकी मदद से कोहरे में रास्ता देखने के लिए उपकरण बनाया जाना है।
उपकरण न केवल सैन्य वाहनों और विमानों के लिए कारगर होगा, बल्कि सिविल क्षेत्र में रेलवे और कामर्शियल वाहनों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।