{"_id":"63027d69f0513c442968896c","slug":"there-is-no-sign-of-a-two-storey-building-buried-in-the-ground-water-flowing-from-above-city-news-drn4205236152","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन में दबे दो मंजिला भवन का नहीं मिल रहा नामोनिशां, ऊपर से बह रहा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन में दबे दो मंजिला भवन का नहीं मिल रहा नामोनिशां, ऊपर से बह रहा पानी
विज्ञापन
बांदल घाटी में सरखेत के अंतिम छोर पर जहां अतिवृष्टि हुई, वहां दोमंजिला घर पूरी तरह मलबे के नीचे दब गया। इसमें पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। इसके ऊपर अतिवृष्टि से बने गदेरे का पानी तेज गति से बह रहा है, जिससे घर का नामोनिशान नहीं मिल पा रहा है।
नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम रविवार को कटर और दूसरे उपकरणों से जमीन काटकर घर का पता लगाने में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ ने जिला प्रशासन से घटनास्थल तक किसी तरह रास्ता बनाकर खोदाई के लिए पोकलेन मशीन पहुंचाने का अनुरोध किया है।
सरखेत के बिजेंद्र, कमान, गोपाल सिंह, रणजीत सिंह ने बताया कि जगमोहन और दिनेश दोनों भाई हैं। सरखेत में उनके दोमंजिला घर आसपास थे। घटना वाली रात तेजी से पानी के साथ आए मलबे में एक मकान पूरी तरह दब गया। दूसरे की एक मंजिल नीचे दब गई। जिन्हें मौका मिल सका, उन्होंने बचने की कोशिश की।
विज्ञापन
दिनेश, उनकी पत्नी सुनीता, बच्चे और मां सोन देई, रमेश सिंह किसी तरह बच निकले। दिनेश, सुनीता और सोन देई को घायल अवस्था में मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि, रमेश का 15 वर्षीय बेटा विशाल, दिनेश के भाई जगमोहन सिंह, जैंत्वाड़ी टिहरी गढ़वाल से घटना के दिन ही आए उनके साढ़ू राजेंद्र राणा, राजेंद्र की पत्नी अनीता, रमेश के साले सुरेंद्र लापता हो गए। उनका अब तक पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम रविवार को कटर और दूसरे उपकरणों से जमीन काटकर घर का पता लगाने में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ ने जिला प्रशासन से घटनास्थल तक किसी तरह रास्ता बनाकर खोदाई के लिए पोकलेन मशीन पहुंचाने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
सरखेत के बिजेंद्र, कमान, गोपाल सिंह, रणजीत सिंह ने बताया कि जगमोहन और दिनेश दोनों भाई हैं। सरखेत में उनके दोमंजिला घर आसपास थे। घटना वाली रात तेजी से पानी के साथ आए मलबे में एक मकान पूरी तरह दब गया। दूसरे की एक मंजिल नीचे दब गई। जिन्हें मौका मिल सका, उन्होंने बचने की कोशिश की।
विज्ञापन
दिनेश, उनकी पत्नी सुनीता, बच्चे और मां सोन देई, रमेश सिंह किसी तरह बच निकले। दिनेश, सुनीता और सोन देई को घायल अवस्था में मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि, रमेश का 15 वर्षीय बेटा विशाल, दिनेश के भाई जगमोहन सिंह, जैंत्वाड़ी टिहरी गढ़वाल से घटना के दिन ही आए उनके साढ़ू राजेंद्र राणा, राजेंद्र की पत्नी अनीता, रमेश के साले सुरेंद्र लापता हो गए। उनका अब तक पता नहीं चल सका।