{"_id":"6165e46b8ebc3e25e11e088e","slug":"there-are-no-specialist-doctors-in-hospitals-dehradun-news-drn3932006188","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, कैसे हो इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, कैसे हो इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून। राजधानी दून के कोरोनेशन, गांधी शताब्दी जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों के अलावा उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एनेस्थेशिया, बाल रोग, महिला रोग, त्वचा रोग हड्डी रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है। इसके चलते स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य निदेशालय से पत्राचार किया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कोरोनेशन व गांधी शताब्दी जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों के अलावा मसूरी, विकासनगर, प्रेमनगर और ऋषिकेश में चार उप जिला अस्पताल हैं। डोईवाला, रायपुर, सहसपुर, सहिया, चकराता जैसे शहरों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों के अलावा पूरे जिले भर में 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। इन सभी अस्पतालों में हड्डी रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, महिला रोग, एनेस्थेशिया विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजिस्ट समेत तमाम विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल इन अस्पतालों में 49 विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रायपुर, प्रेमनगर और कोरोनेशन जैसे अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है, लेकिन अन्य विधा के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती का कहना है कि उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञों की कमी है। डॉक्टरों की कमी को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करा दिया गया है और कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद अभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहुत अधिक कमी है। फिलहाल अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सकों से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कोरोनेशन व गांधी शताब्दी जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों के अलावा मसूरी, विकासनगर, प्रेमनगर और ऋषिकेश में चार उप जिला अस्पताल हैं। डोईवाला, रायपुर, सहसपुर, सहिया, चकराता जैसे शहरों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों के अलावा पूरे जिले भर में 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। इन सभी अस्पतालों में हड्डी रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, महिला रोग, एनेस्थेशिया विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजिस्ट समेत तमाम विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल इन अस्पतालों में 49 विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रायपुर, प्रेमनगर और कोरोनेशन जैसे अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है, लेकिन अन्य विधा के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती का कहना है कि उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञों की कमी है। डॉक्टरों की कमी को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करा दिया गया है और कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद अभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहुत अधिक कमी है। फिलहाल अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सकों से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन