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आसन के घरोंदे में बसने लगा विदेशी पक्षियों का संसार
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आसन बैराज झील में पहुंचे सुर्खाब।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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सर्दी की आहट के साथ ही देश के पहले वैटलैंड आसन कंजरवेशन रिजर्व में साइबेरियन पक्षियों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को चार सुर्खाब पक्षियों के साथ ही दो ग्रे लेग गीज, कॉरमोरेंट और कॉमन पोचार्ड ने आसन बैराज झील के घरोंदे में अपनी आमाद दर्ज कराई। ऐसे में अब जब धीरे-धीरे सर्दियां बढ़ती जाएंगी तो पूरी झील विदेशी पक्षियों से गुलजार नजर आने लगेगी। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक झील में सुर्खाब का एक बड़ा झुंड अपनी आमद दर्ज करा देगा।
हर साल सर्दियां शुरू होते ही आसन बैराज झील में विदेशी पक्षियों की आगमन शुरू हो जाता है। झील में 45 से अधिक प्रजातियों के विदेशी परिंदे प्रवास पर पहुंचते हैं। यह परिदें 2000 मील से भी अधिक का सफर तय कर साइबेरियन देशों से आसन बैराज झील में पहुंचते हैं। ऐसे में अब मार्च माह तक यह झील ही इन परिदों का घरोंदा होगी। बीते साल सात अक्तूबर को विदेशी परिदों ने आसन बैराज झील में अपनी आमाद दर्ज कराई थी। लेकिन इस बार दो दिन की देरी के साथ ही आसन बैराज झील विदेशी परिंदों से गुलजार नजर आने लगी है। जिससे वन विभाग के साथ ही पक्षी प्रेमी भी खासा उत्साहित हैं। वहीं परिदों का झील में आगमन होने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया है। झील के आसपास लगातार गश्त की जा रही है।
डीएफओ ने किया निरीक्षण
विकासनगर। चकरात वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी(डीएफओ) दीप चंद आर्य ने मंगलवार को आसन बैराज झील का निरीक्षण किया। उन्होंने झील में परिदों के आवगमन को शुरू होता देख सभी मातहतों को झील के आसपास गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आसपास के जंगलों में भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर रेंज अधिकारी जवाहर सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
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ये परिंदे पहुंचते हैं प्रवास पर
हर साल आसन बैराज झील में सुर्खाव, गैडवाल, इरोएशियन विजन, मलार्ड, स्पोर्ट विल्ड डक, कॉमन पोचार्ड, टपटेड डक, पर्पल स्वेम्प हेन, कॉमन मोर हेन, कॉमन कूट, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट, रीपरलैप विंग, ब्राऊन हेडेड इगल, प्लास फिश ईगल, मार्श हैरियर, लिटिल ग्रीव, लिटिल कारमोरेट, लिटिल ईग्रेट, पौंड हेरान, बुलनेपेड स्टॉर्क, कॉमन किंगफिशर, वाइट क्रॉट किंग फिशर, पाइड किंगफिशर, कॉमन टील, कॉमडक समेत 45 से अधिक प्रजातियों के विदेशी परिदें झील में प्रवास पर पहुंचते हैं।
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हर साल सर्दियां शुरू होते ही आसन बैराज झील में विदेशी पक्षियों की आगमन शुरू हो जाता है। झील में 45 से अधिक प्रजातियों के विदेशी परिंदे प्रवास पर पहुंचते हैं। यह परिदें 2000 मील से भी अधिक का सफर तय कर साइबेरियन देशों से आसन बैराज झील में पहुंचते हैं। ऐसे में अब मार्च माह तक यह झील ही इन परिदों का घरोंदा होगी। बीते साल सात अक्तूबर को विदेशी परिदों ने आसन बैराज झील में अपनी आमाद दर्ज कराई थी। लेकिन इस बार दो दिन की देरी के साथ ही आसन बैराज झील विदेशी परिंदों से गुलजार नजर आने लगी है। जिससे वन विभाग के साथ ही पक्षी प्रेमी भी खासा उत्साहित हैं। वहीं परिदों का झील में आगमन होने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया है। झील के आसपास लगातार गश्त की जा रही है।
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डीएफओ ने किया निरीक्षण
विकासनगर। चकरात वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी(डीएफओ) दीप चंद आर्य ने मंगलवार को आसन बैराज झील का निरीक्षण किया। उन्होंने झील में परिदों के आवगमन को शुरू होता देख सभी मातहतों को झील के आसपास गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आसपास के जंगलों में भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर रेंज अधिकारी जवाहर सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
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ये परिंदे पहुंचते हैं प्रवास पर
हर साल आसन बैराज झील में सुर्खाव, गैडवाल, इरोएशियन विजन, मलार्ड, स्पोर्ट विल्ड डक, कॉमन पोचार्ड, टपटेड डक, पर्पल स्वेम्प हेन, कॉमन मोर हेन, कॉमन कूट, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट, रीपरलैप विंग, ब्राऊन हेडेड इगल, प्लास फिश ईगल, मार्श हैरियर, लिटिल ग्रीव, लिटिल कारमोरेट, लिटिल ईग्रेट, पौंड हेरान, बुलनेपेड स्टॉर्क, कॉमन किंगफिशर, वाइट क्रॉट किंग फिशर, पाइड किंगफिशर, कॉमन टील, कॉमडक समेत 45 से अधिक प्रजातियों के विदेशी परिदें झील में प्रवास पर पहुंचते हैं।