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पर्वतीय इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते रिस्पना, बिंदाल नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा

Mon, 04 Jul 2022 11:58 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 11:58 PM IST
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The water level of rivers increased due to rain
मानसून आने के बाद पर्वतीय इलाकों में शुरू हुई मूसलाधार बारिश से रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों का जगह जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में नदियों के किनारे बसे दो दर्जन से अधिक बस्तियों के लोगों को भी बाढ़ की चिंता सताने लगी है। हालांकि, अभी नदियों का जलस्तर इस स्तर तक नहीं बढ़ा कि घरों में पानी दाखिल हो जाए, लेकिन यदि ऐसे ही बारिश का दौर जारी रहा तो स्थिति खराब हो सकती है।
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उधर, डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने नगर निगम, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अफसरों संग नदियों के किनारे बसी बस्तियों का निरीक्षण कर विशेष परिस्थितियों में बस्तियों में बसे लोगों को रैन बसेरों में विस्थापित करने के आदेश दिए हैं। राजधानी के बीचों बीच से गुजरने वाली रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे 30 से अधिक बस्तियां बसी हुई हैं। जहां रिस्पना के किनारे काठ बंगला बस्ती, वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड कॉलोनी, राजीवनगर, आर्य नगर, राजेश रावत कॉलोनी, महात्मा गांधी कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, दीपकनगर, मोथरोवाला और गुरु तेगबहादुर नगर बस्तियां हैं। वहीं, बिंदाल के किनारे विजय कॉलोनी, चुक्खूवाला, खुड़बुड़ा, पटेलनगर, चंद्रशेखर बस्ती, राजीवनगर, ब्रह्मपुरी, लोहियानगर, महबूब कॉलोनी और गांधीग्राम का कुछ इलाका है।
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इन सभी बस्तियों में हजारों लोग रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन बस्तियों में हजारों की संख्या मेें ऐसे मकान हैं, जो प्रावधानों के विपरीत नदियों की कोख में बना लिए गए हैं। ऐसे में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही इन बस्तियों में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। पिछले कई साल से यहां जबरदस्त जलभराव होने से लोगों को भारी पर मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। नदियों के पुश्ते टूटे होने और मरम्मत नहीं होने से मुसीबत और बढ़ जाती है। उधर, डीएम ने सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी समेत तमाम विभागों के अफसरों के साथ बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील बस्तियों का दौरा किया।
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उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को हिदायत दी कि नदियों में जलस्तर बढ़ने से पहले ही बस्तियों के बाशिंदों को विस्थापित करने को लेकर रैन बसेरों की व्यवस्था कर ली जाए। यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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