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Dehradun News: जल संस्थान 63 प्रतिशत शिकायतों का नहीं कर पा रहा निस्तारण
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जल संस्थान रोजाना आने वाली शिकायतों में से 63 प्रतिशत का निस्तारण नहीं कर पा रहा है। इससे लोगों काे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान के पित्थूवाला डिवीजन में रोजाना 40 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त होती हैं। इनमें से 15 का ही निस्तारण हो रहा है।
शहर में बड़ी संख्या में पेजयल लाइन में लीकेज, कब दबाव से पानी आने, पानी न आने, सीवर लाइन लीकेज सहित अन्य शिकायतें आती हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सतीश नौटियाल का कहना है कि लीकेज सही करने के लिए रोड कटिंग की अनुमति लेनी होती है। अनुमति लेने में समय लग जाता है। ऐसे में लीकेज की समस्या का निस्तारण समय पर नहीं हो पाता। वहीं, सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर प्राथमिकता से काम किया जाता है। क्योंकि लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई बार गंदा पानी घरों में घुस जाता है।
वहीं, पानी न आने और कम दबाव से आने की शिकायतों को जब मौके पर देखा जाता है तो पानी आ रहा होता है। उस समय लोग कहते हैं कि अभी पानी आ रहा है पर बाद में फिर दिक्कत होती है तो ऐसी शिकायतें भी देर से निस्तारित हो पाती हैं।
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Iदक्षिण शाखा में मिल रहीं सात से आठ शिकायतें
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दक्षिण शाखा की सहायक अभियंता वंधना रानी ने बताया कि उनके डिवीजन में भी रोजाना सात से आठ शिकायतें आ रही हैं। ज्यादातर का निस्तारण कर दिया जाता है। कुछ शिकायतें कम दबाव और लीकेज की रहती हैं। जिसमें रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से निस्तारण में देरी होती है।
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शहर में बड़ी संख्या में पेजयल लाइन में लीकेज, कब दबाव से पानी आने, पानी न आने, सीवर लाइन लीकेज सहित अन्य शिकायतें आती हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सतीश नौटियाल का कहना है कि लीकेज सही करने के लिए रोड कटिंग की अनुमति लेनी होती है। अनुमति लेने में समय लग जाता है। ऐसे में लीकेज की समस्या का निस्तारण समय पर नहीं हो पाता। वहीं, सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर प्राथमिकता से काम किया जाता है। क्योंकि लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई बार गंदा पानी घरों में घुस जाता है।
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वहीं, पानी न आने और कम दबाव से आने की शिकायतों को जब मौके पर देखा जाता है तो पानी आ रहा होता है। उस समय लोग कहते हैं कि अभी पानी आ रहा है पर बाद में फिर दिक्कत होती है तो ऐसी शिकायतें भी देर से निस्तारित हो पाती हैं।
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Iदक्षिण शाखा में मिल रहीं सात से आठ शिकायतें
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दक्षिण शाखा की सहायक अभियंता वंधना रानी ने बताया कि उनके डिवीजन में भी रोजाना सात से आठ शिकायतें आ रही हैं। ज्यादातर का निस्तारण कर दिया जाता है। कुछ शिकायतें कम दबाव और लीकेज की रहती हैं। जिसमें रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से निस्तारण में देरी होती है।