वरदान बनी इस बार की बारिश, लबालब हुई नैनीझील, चार गुना बढ़ा जलस्तर
लगातार हो रही बारिश नैनीझील और इसके आसपास की झीलों के लिए वरदान साबित हुई है। पिछले साल की तुलना में इस बार नैनीझील का जलस्तर चार गुना अधिक रिकॉर्ड हुआ है। यही स्थिति भीमताल, नौकुचियातात और सातताल की है।
गर्मियों में जिले की झीलों का जल स्तर घट जाता है, लेकिन इस बार समय-समय पर हुई बारिश, बर्फ बारी और ओलावृष्टि के कारण नैनीझील के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 18 जुलाई 2018 को झील का जलस्तर - 0.90 इंच था, जबकि उस वर्ष कुल बारिश 690 एमएम हुई थी।
18 जुलाई 2019 को नैनीझील का जलस्तर सामान्य से 2 फुट 10.5 इंच ऊपर था। उस वर्ष कुल बारिश 747.90 एमएम हुई थी। इस बार 18 जुलाई 2020 को झील का जल स्तर सामान्य से 8 फुट 9.5 इंच ऊपर रिकॉर्ड किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है। इस बार नैनीताल में अभी तक 883.20 एमएम बारिश हो चुकी है।
सातताल और नौकुचियाताल झील का जलस्तर भी इस बार बढ़ा
भीमताल झील को छोड़ दें तो सातताल और नौकुचियाताल झील का जलस्तर भी इस बार बढ़ा है। नौकुचियाताल का जल स्तर शनिवार को सामान्य से 14.3 फुट ऊपर था, जबकि पिछले वर्ष आज ही के दिन इसका जलस्तर सामान्य से 12.2 फुट ऊपर था।
इसी तरह शनिवार को सातताल झील का जलस्तर सामान्य से 16.0 फु ट ऊ पर रिकॉर्ड हुआ जो पिछले वर्ष आज ही के दिन सामान्य से 14.7 फुट ऊपर था। इधर, भीमताल झील का जलस्तर इस बार गिरा है। शनिवार को भीमताल झील का जलस्तर 38.8 फु ट रिकॉर्ड किया गया जो आज ही के दिन यानी 18 जुलाई 2019 को 40 फुट था।
इस साल समय-समय पर बारिश होने से सभी झीलों का जलस्तर बढ़ा है। भीमताल झील से किसानों की मांग पर समय-समय पर सिंचाई के लिए भी पानी छोड़ा जा रहा है।
- डीसी पंत, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग नैनीताल
सिंचाई के लिए देते हैं भीमताल झील से पानी
सिंचाई विभाग भीमताल झील से सिंचाई के लिए भी पानी की निकासी करता है। अधिकारियों के मुताबिक काश्तकारों की मांग को देखते हुए ही पानी छोड़ा जाता है।
यह है नैनीताल जिले के झीलों की गहराई
सैलानियों के आकर्षण के केंद्र नैनीझील का क्षेत्रफल करीब 45 हेक्टेयर है। इसकी अधिकतम गहराई 27 मीटर है। वहीं, भीमताल झील की अधिकतम गहराई 18 मीटर, नौकुचियाताल झील की अधिकतम गहराई 36 मीटर और सातताल झील की अधिकतम गहराई 10 मीटर है।
जलस्तर मापने को लगे हैं वाटर गेज
झीलों की गहराई मापने के लिए सिंचाई विभाग ने झीलों के किनारे वाटर गेज लगाए हैं जिसमें शून्य से ऊपर और नीचे की ओर फुट के निशान दर्ज होते हैं। गेज में दर्ज निशानों के आधार पर ही झीलों का जल स्तर मापा जाता है।