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Dehradun News: प्रदेश... पहले खुद बढ़ाया वेतन फिर गलती बता काट लिए पैसे
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Iपुलिस विभाग का कारनामा : पीड़ित सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी पहुंचे गृह विभाग
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I167 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का मामला, गृह विभाग ने मांगा जवाबI
पुलिस विभाग ने पुलिसकर्मियों को पहले प्रमोशन देकर वेतन बढ़ाया और सेवानिवृत्ति के बाद इससे कटौती कर ली। कारण बताया कि वेतनवृद्धि गलती से हुई थी। पुलिस के इस कारनामे से 167 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी परेशान हैं। उन्होंने पहले पुलिस विभाग के चक्कर काटे और अब शासन में गुहार लगा रहे हैं। इस संबंध में कई बार शासनादेश भी हुए, लेकिन विभाग उनकी रकम वापस करने को राजी नहीं है।
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी और अपर सचिव गृह अतर सिंह से मुलाकात की। इनमें सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी चक्रधर प्रसाद, कृति राम जखमोला, श्रीचंद नेगी, सुरेंद्र दत्त नौटियाल व दयानंद पोखरियाल शामिल रहे। उन्होंने विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का एक आदेश भी मुहैया कराया। इसमें बताया गया है कि नियोक्ता की ओर से कर्मचारी को दी गई वेतनवृद्धि वापस लेने का अधिकार अवैध है। 18 दिसंबर 2014 को जारी आदेश में स्पष्ट है कि तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी, राज्य कर्मचारी व केंद्रीय कर्मचारी जिनकी सेवा एक वर्ष से कम रह गई है, उनका विभाग के त्रुटिपूर्ण वेतनवृद्धि दिए जाने पर रिकवरी नहीं कर सकता है। बावजूद इसके सर्वोच्च न्यायालय के आदेश भी नहीं माने जा रहे हैं।
गृह विभाग ने सीआईडी से सेवानिवृत्त एसआई राजेंद्र पोखरियाल के मामले का हवाला देते हुए वेतन का पुनर्निर्धारण और देय से अधिक भुगतान स्वीकृत करने वाले कार्मिक का उत्तरदायित्व निर्धारित कर एक सप्ताह में सूचना मांगी है। पोखरियाल 15 फरवरी 1980 को बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए। 1986 को उन्हें हेड कांस्टेबल बना दिया गया। वर्ष 2000 में उनकी संतोषजनक सेवाओं के बाद विभाग ने उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के वेतनमान पर पदोन्नत कर दिया, लेकिन एक स्टार लगाकर उनसे दरोगा का काम लिया जाने लगा।
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वर्ष 2005 को वह दरोगा बने और 46वीं वाहिनी पीएसी में तीन माह का कोर्स किया। दरोगा विशेष श्रेणी के पद पर पदोन्नत होने के बाद तत्कालीन एडीजी जेएस पांडेय ने इस पद के लिए उन्हें एक वेतन वृद्धि दी। पोखरियाल 31 अक्तूबर 2021 सेवानिवृत्त हो गए। इसी दिन उन्हें त्रुटिपूर्ण वेतनवृद्धि का आदेश जारी कर दिया गया। उनके वेतन से 2.54 लाख रुपये काट लिए गए।
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I167 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का मामला, गृह विभाग ने मांगा जवाबI
पुलिस विभाग ने पुलिसकर्मियों को पहले प्रमोशन देकर वेतन बढ़ाया और सेवानिवृत्ति के बाद इससे कटौती कर ली। कारण बताया कि वेतनवृद्धि गलती से हुई थी। पुलिस के इस कारनामे से 167 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी परेशान हैं। उन्होंने पहले पुलिस विभाग के चक्कर काटे और अब शासन में गुहार लगा रहे हैं। इस संबंध में कई बार शासनादेश भी हुए, लेकिन विभाग उनकी रकम वापस करने को राजी नहीं है।
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी और अपर सचिव गृह अतर सिंह से मुलाकात की। इनमें सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी चक्रधर प्रसाद, कृति राम जखमोला, श्रीचंद नेगी, सुरेंद्र दत्त नौटियाल व दयानंद पोखरियाल शामिल रहे। उन्होंने विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का एक आदेश भी मुहैया कराया। इसमें बताया गया है कि नियोक्ता की ओर से कर्मचारी को दी गई वेतनवृद्धि वापस लेने का अधिकार अवैध है। 18 दिसंबर 2014 को जारी आदेश में स्पष्ट है कि तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी, राज्य कर्मचारी व केंद्रीय कर्मचारी जिनकी सेवा एक वर्ष से कम रह गई है, उनका विभाग के त्रुटिपूर्ण वेतनवृद्धि दिए जाने पर रिकवरी नहीं कर सकता है। बावजूद इसके सर्वोच्च न्यायालय के आदेश भी नहीं माने जा रहे हैं।
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गृह विभाग ने सीआईडी से सेवानिवृत्त एसआई राजेंद्र पोखरियाल के मामले का हवाला देते हुए वेतन का पुनर्निर्धारण और देय से अधिक भुगतान स्वीकृत करने वाले कार्मिक का उत्तरदायित्व निर्धारित कर एक सप्ताह में सूचना मांगी है। पोखरियाल 15 फरवरी 1980 को बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए। 1986 को उन्हें हेड कांस्टेबल बना दिया गया। वर्ष 2000 में उनकी संतोषजनक सेवाओं के बाद विभाग ने उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के वेतनमान पर पदोन्नत कर दिया, लेकिन एक स्टार लगाकर उनसे दरोगा का काम लिया जाने लगा।
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वर्ष 2005 को वह दरोगा बने और 46वीं वाहिनी पीएसी में तीन माह का कोर्स किया। दरोगा विशेष श्रेणी के पद पर पदोन्नत होने के बाद तत्कालीन एडीजी जेएस पांडेय ने इस पद के लिए उन्हें एक वेतन वृद्धि दी। पोखरियाल 31 अक्तूबर 2021 सेवानिवृत्त हो गए। इसी दिन उन्हें त्रुटिपूर्ण वेतनवृद्धि का आदेश जारी कर दिया गया। उनके वेतन से 2.54 लाख रुपये काट लिए गए।