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Dehradun News: सामुदायिक शौचालय बनने से क्लीन हो रहे दून के गांव
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Iदेहरादून के 111 गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा, 18 निर्माणाधीन
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Iएक सामुदायिक शौचालय बनाने में खर्च होता है तीन लाख का बजटI
सामुदायिक शौचालयों के बनने से गांव की तस्वीर बदलने लगी है। दून के गांव अब पहले से कहीं अधिक साफ-स्वच्छ दिखाई देने लगे हैं। वहीं परिवार शौचालयों की ओर भी लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। दून के गांव क्लीन बनने की राह पर बढ़ चले है।
अक्टूबर 2014 को केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन की शुरूआत थी। दून के ग्रामीण अंचलों में योजना से तस्वीर बदल रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में 401 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 638 ग्रामसभा हैं। इन ग्राम सभाओं में 111 सामुदायिक शौचालयों बन चुके है। मौजूदा वित्तवर्ष में 34 शौचालय बनाए गए हैं। जबकि 18 ग्राम सभाओं में सामुदायिक शौचालय निर्माणाधीन हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में तीन लाख रुपये का बजट खर्च किया जाता है। जिसमें 2.10 लाख स्वजल और 90 हजार रुपये पंचायती राज विभाग की ओर से खर्च किए जा रहे हैं। वहीं सामुदायिक शौचालयों के बनने से गांव में स्वच्छता के दायरे में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग पहले से कहीं अधिक साफ-सफाई के मायने समझने लगे हैं।
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Iफेस-2 में 1205 परिवारों को मिले व्यक्तिगत शौचालयI
व्यक्तिगत शौचालयों की श्रेणी में भी दून ने लंबी छलांग लगाई। हालांकि प्रदेश वर्ष 2017 में ही ओडीएफ की श्रेणी में शामिल हो गया था। वहीं फेस-2 में अभी तक 1205 परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय बनाकर दिए जा चुके हैं। इस वर्ष भी 325 परिवारों को शौचालय प्राप्त हो गए हैं। अभी तक 1048 परिवारों के खातों में अनुदान का पैसा भेजा जा चुका है।
Iग्रामीण अंचलों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण को लेकर अब लोग जागरूक हो रहे हैं। आगामी दिनों में दून के प्रत्येक गांव में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होगी। - सुनील कुमार, जिला विकास अधिकारी, देहरादूनI
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Iएक सामुदायिक शौचालय बनाने में खर्च होता है तीन लाख का बजटI
सामुदायिक शौचालयों के बनने से गांव की तस्वीर बदलने लगी है। दून के गांव अब पहले से कहीं अधिक साफ-स्वच्छ दिखाई देने लगे हैं। वहीं परिवार शौचालयों की ओर भी लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। दून के गांव क्लीन बनने की राह पर बढ़ चले है।
अक्टूबर 2014 को केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन की शुरूआत थी। दून के ग्रामीण अंचलों में योजना से तस्वीर बदल रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले में 401 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 638 ग्रामसभा हैं। इन ग्राम सभाओं में 111 सामुदायिक शौचालयों बन चुके है। मौजूदा वित्तवर्ष में 34 शौचालय बनाए गए हैं। जबकि 18 ग्राम सभाओं में सामुदायिक शौचालय निर्माणाधीन हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि एक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में तीन लाख रुपये का बजट खर्च किया जाता है। जिसमें 2.10 लाख स्वजल और 90 हजार रुपये पंचायती राज विभाग की ओर से खर्च किए जा रहे हैं। वहीं सामुदायिक शौचालयों के बनने से गांव में स्वच्छता के दायरे में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग पहले से कहीं अधिक साफ-सफाई के मायने समझने लगे हैं।
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Iफेस-2 में 1205 परिवारों को मिले व्यक्तिगत शौचालयI
व्यक्तिगत शौचालयों की श्रेणी में भी दून ने लंबी छलांग लगाई। हालांकि प्रदेश वर्ष 2017 में ही ओडीएफ की श्रेणी में शामिल हो गया था। वहीं फेस-2 में अभी तक 1205 परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय बनाकर दिए जा चुके हैं। इस वर्ष भी 325 परिवारों को शौचालय प्राप्त हो गए हैं। अभी तक 1048 परिवारों के खातों में अनुदान का पैसा भेजा जा चुका है।
Iग्रामीण अंचलों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण को लेकर अब लोग जागरूक हो रहे हैं। आगामी दिनों में दून के प्रत्येक गांव में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होगी। - सुनील कुमार, जिला विकास अधिकारी, देहरादूनI