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Dehradun News: फॉगिंग मशीनें कम, लोग कर रहे इंतजार, कब होगा डेंगू पर वार
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पालिका क्षेत्र 11 वार्ड 30 हजार की आबादी
पालिका के पास तीन फॉगिंग मशीन एक बड़ी दो छोटी
नगर पालिका डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान तो चला रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते डेंगू पर रोकथाम का वार नाकाफी साबित हो रहा है। 11 वार्डों और करीब 30 हजार की आबादी वाले पालिका क्षेत्र में केवल एक बड़ी और दो छोटी फॉगिंग मशीनों के भरोसे डेंगू नियंत्रण अभियान चल रहा है। स्थानीय विधायक और पालिकाध्यक्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर युद्धस्तर पर डेंगू अभियान चलाने के निर्देश तो दे रहे, पर संसाधनों की कमी का शासन, प्रशासन और प्रतिनिधि संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
शहर में अब तब रैपिड जांच में डेंगू के 125 पॉजिटिव केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें से 22 में एलायजा जांच करवाने पर डेंगू के संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। वार्डों की विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में घर में घर में बुखार के मरीज है। जिला प्रशासन के निर्देश पर पालिका प्रशासन वार्डों में कीटनाशक का छिड़काव भी कर रहा, लेकिन एक बार फॉगिंग करने के बाद दूसरी बार वार्ड का नंबर आने में एक सप्ताह बीत जाता है।
ऐसे में फॉगिंग के इंतजार में लोग मच्छरों के डंक से जूझते हुए डेंगू पॉजिटिव होने की आशंका के डर के साए में जी रहे हैं। क्षेत्र और वार्डों की संख्या के अनुसार नगर पालिका को नियमित रूप से फॉगिंग के लिए पांच बड़ी और 11 छोटी फॉगिंग मशीनों की जरूरत है, पर मशीनें केवल तीन की उपलब्ध है।
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वर्जन
फॉगिंग अभियान का पता नहीं है। इस सीजन में फॉगिंग वाहन या मशीन को नहीं देखा है। कॉलोनी में मच्छरों की भरमार है। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजने पर डेंगू की आशंका का डर लगा रहता है। वार्डों में रोज फॉगिंग के इंतजाम होने चाहिए।
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पालिका के पास तीन फॉगिंग मशीन एक बड़ी दो छोटी
नगर पालिका डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान तो चला रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते डेंगू पर रोकथाम का वार नाकाफी साबित हो रहा है। 11 वार्डों और करीब 30 हजार की आबादी वाले पालिका क्षेत्र में केवल एक बड़ी और दो छोटी फॉगिंग मशीनों के भरोसे डेंगू नियंत्रण अभियान चल रहा है। स्थानीय विधायक और पालिकाध्यक्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर युद्धस्तर पर डेंगू अभियान चलाने के निर्देश तो दे रहे, पर संसाधनों की कमी का शासन, प्रशासन और प्रतिनिधि संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
शहर में अब तब रैपिड जांच में डेंगू के 125 पॉजिटिव केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें से 22 में एलायजा जांच करवाने पर डेंगू के संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। वार्डों की विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में घर में घर में बुखार के मरीज है। जिला प्रशासन के निर्देश पर पालिका प्रशासन वार्डों में कीटनाशक का छिड़काव भी कर रहा, लेकिन एक बार फॉगिंग करने के बाद दूसरी बार वार्ड का नंबर आने में एक सप्ताह बीत जाता है।
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ऐसे में फॉगिंग के इंतजार में लोग मच्छरों के डंक से जूझते हुए डेंगू पॉजिटिव होने की आशंका के डर के साए में जी रहे हैं। क्षेत्र और वार्डों की संख्या के अनुसार नगर पालिका को नियमित रूप से फॉगिंग के लिए पांच बड़ी और 11 छोटी फॉगिंग मशीनों की जरूरत है, पर मशीनें केवल तीन की उपलब्ध है।
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फॉगिंग अभियान का पता नहीं है। इस सीजन में फॉगिंग वाहन या मशीन को नहीं देखा है। कॉलोनी में मच्छरों की भरमार है। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजने पर डेंगू की आशंका का डर लगा रहता है। वार्डों में रोज फॉगिंग के इंतजाम होने चाहिए।