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Dehradun News: नकली दवाएं बनवाने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार

Sun, 29 Jun 2025 12:21 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:21 AM IST
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The kingpin of the gang that made fake medicines was arrested
Iनामी कंपनियों के नाम से दवाएं बनाकर बेचता था आरोपी
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Iएक साथी को एक जून को किया जा चुका है गिरफ्तार
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Iनामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बनवाने वाले गिरोह के सरगना को शुक्रवार को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। भिवाड़ी राजस्थान के रहने वाले नवीन बंसल नाम के इस आरोपी का साथी एक जून को गिरफ्तार हुआ था। उसके पास से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुई थीं। उस वक्त आरोपी ने नवीन बंसल का नाम अक्षय बताया था। तब से एसटीएफ अक्षय के पीछे लगी थी। मगर, जांच-पड़ताल के बाद उसका असल नाम पता चला तो नवीन बंसल को पकड़कर देहरादून लगाया गया।I

Iएसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि एक जून को संतोष कुमार को सेलाकुई क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से नामी कंपनियों के रैपर, क्यूआर कोड, लेबल आदि के साथ बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुई थीं। पूछताछ में उसने बताया था कि इन कंपनियों के नाम से नकली दवाएं अक्षय नाम का व्यक्ति बनवाता है। इन दवाओं को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा राज्यों में तैयार कराया जाता है। इसके बाद इन्हें विभिन्न बाजारों में सस्ते दामों पर खपाया जाता है। आरोपी संतोष कुमार ने अक्षय के मोबाइल नंबर और उसके पते के बारे में एसटीएफ को जानकारी दी थी। प्रकरण में अक्षय की तलाश के लिए दो टीमों का गठन किया गया था। संतोष के पकड़े जाने के बाद अक्षय (नवीन बंसल) के मोबाइल नंबर बंद हो गए थे। इसके बाद उसकी मैन्युअली तलाश की गई। पुलिस को पता चला कि उस व्यक्ति का नाम अक्षय नहीं बल्कि नवीन बंसल है। वह दवाओं का काम करता है। उसके नाम से फर्म भी रजिस्टर्ड है। उसका असल पता भी आशियाना ग्रीन भिवाड़ी नहीं, बल्कि आशियाना गार्डन भिवाड़ी राजस्थान है। आरोपी नवीन बंसल को शुक्रवार को पकड़ा गया। बंसल ने एसटीएफ को बताया कि वह देहरादून के रहने वाले संतोष कुमार को काफी समय से जानता है। उसके माध्यम से वह नामी कंपनियों के बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड आदि छपवाता है। इसके बाद सेलाकुई और हिमाचल के बद्दी क्षेत्र में दवाएं बनवाकर उन्हें हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बाजारों में बेचता है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली में भी इसी तरह का मुकदमा 2018 में दर्ज हो चुका है।I
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