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Dehradun: दून के ड्रेनेज प्लान के लिए मुसीबत बना दूर का ठेका, बारिश में शहर में जलभराव, तमाशबीन बना विभाग

Fri, 09 Aug 2024 11:22 AM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Fri, 09 Aug 2024 11:22 AM IST
सार

करीब 5000 करोड़ रुपये का ड्रेनेज प्लान बनाने के लिए रुड़की सिंचाई विभाग को जिम्मा सौंपा गया था। कई साल गुजरने के बाद भी रुड़की के अफसर प्लान तैयार नहीं करा सके हैं।

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Drainage plan of Dehradun waterlogging in the city due to rain
बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सरकारी सिस्टम निराला है। दून का सिंचाई विभाग इसकी नजीर है। बारिश के चलते दून की सड़कों पर जलभराव हो रहा है। नदियां उफनने से घर जलमग्न हो रहे हैं। शहर की जनता परेशान है, लेकिन दून का सिंचाई विभाग तमाशबीन बनकर रह गया है।

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शासन के अधिकारी बार-बार दून सिंचाई विभाग के अफसरों से ड्रेनेज प्लान के कार्य में तेजी लाने को कह रहे हैं, लेकिन अफसर रुड़की फोन लगाने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, दून समेत प्रदेश के छह शहरों में ड्रेनेज प्लान बनाने का जिम्मा रुड़की के सिंचाई विभाग को दिया गया है।
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रुड़की के अफसरों को दून की समस्याओं का कोई अंदाजा नहीं। इसलिए सालों गुजरने के बाद भी दून का ड्रेनेज प्लान नहीं बनवाया जा सका है। रुड़की के अधिकारियों ने पुणे की एक कंपनी को ड्रेनेज प्लान बनाने का जिम्मा सौंपा है। कंपनी के सदस्य कई बार चेतावनी देने के बाद भी प्लान बनाकर नहीं दे रहे हैं।
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रुड़की के अफसर प्लान तैयार नहीं करा सके
गौरतलब हो कि देहरादून में 15 सालों से ड्रेनेज प्लान बनाने की तैयारी चल रही है। करीब 5000 करोड़ रुपये का ड्रेनेज प्लान बनाने के लिए रुड़की सिंचाई विभाग को जिम्मा सौंपा गया था। कई साल गुजरने के बाद भी रुड़की के अफसर प्लान तैयार नहीं करा सके हैं। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर दून का प्लान बनाने के लिए रुड़की के सिंचाई विभाग को काम क्यों सौंपा गया। रुड़की के विभागीय अफसरों को न तो दून की समस्याओं का अंदाजा है न ही यहां के मुद्दों को लेकर कोई गंभीरता।

इसलिए शासन के बार-बार कहने के बाद भी ड्रेनेज प्लान एक कदम भी नहीं चल सका है। कंसल्टेंसी कंपनी पुणे में बैठकर सेटेलाइट के जरिए प्लान तैयार कर चुकी है, लेकिन यह धरातल की स्थिति से मेल नहीं खाता। कंपनी को पिछले दिनों 10 दिनों में नया ड्रेनेज प्लान बनाकर देने के लिए कहा गया था। एक माह गुजरने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है।

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दून का ड्रेनेज मास्टर प्लान पुणे की कंसल्टेंसी फीडबैक इंफ्रा बना रही है। वर्ष 2020 में सिंचाई विभाग को यह जिम्मा सौंपा गया। चार सालों से लगातार कंपनी को नक्शा बनाकर देने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - राजेश लांबा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सिंचाई विभागI

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