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Dehradun News: सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में नदारद रहे 10 अधिकारी, नहीं लगा शिविर
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ग्राम पंचायत बिरमोऊ में आयोजित सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में अधिकारियों के नहीं पहुंचने से अजीबो-गरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। नाराज ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी समेत मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को शिविर लगाए बिना ही बैरंग लौटा दिया। कहा कि जब सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे तो ही शिविर लगने दिया जाएगा।
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत शनिवार को ग्राम पंचायत बिरमोऊ में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना था। सरकारी व्यवस्थाओं के तहत शिविर में 14 विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहना था, लेकिन मात्र चार अधिकारी ही पहुंचे। मजे की बात यह रही कि जिस पंचायत में यह शिविर लगना था उसके प्रधान को इस संबंध में कोई सूचना ही नहीं दी गई थी।
ग्रामीण बलवीर सिंह, अजय सिंह, प्रीतम सिंह, गेंदा भारती, दीवान सिंह ने बताया कि शिविर के नोडल अधिकारी ने गांव में पहुंचकर उन्हें बताया था कि शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, कृषि, उद्यान, लोक निर्माण, सिंचाई, पेयजल, तहसील, बाल विकास, समाज कल्याण, जिला विकास, पंचायती राज, जिला पूर्ति, उद्योग सहित 14 विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। लेकिन, मौके पर नोडल अधिकारी प्रेमलाल के अलावा कृषि विभाग से प्राची पुरोहित, सिंचाई विभाग से राजेश, शिव प्रसाद व उद्यान विभाग से एचएल आर्य ही यहां दिखाई दिए। ग्रामीणों के कई घंटे इंतजार के बाद भी जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो उन्होंने नोडल अधिकारी व उनके साथ मौजूद अधिकारियों को बिना समस्या सुने ही वापस लौटा दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब सभी अधिकारी मौजूद होंगे तभी गांव में शिविर लग सकेगा।
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ग्रामीण शिविर में पहुंचे तो वहां अधिकारी ही नहीं थे। वह किनके सामने अपनी समस्या रखते। ऐसे औपचारिक शिविरों से कोई लाभ नहीं मिल सकता है। अधिकारियों से कहा गया है कि शिविर की सूचना विधिवत तीन दिन पहले ग्रामीणों को दी जाए उसके बाद ही शिविर का आयोजन किया जाए। दिनेश कुमार, ग्राम प्रधान
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के लिए 14 विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहने के लिए कहा गया था, लेकिन कई विभागों के अधिकारी नदारद रहे। अनुपस्थित अधिकारियों की सूची गांव में हुए घटनाक्रम के साथ लिखित रूप से मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित की जाएगी।
प्रेम लाल, नोडल अधिकारी व सहायक निदेशक डेरी विकास विभाग।
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सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत शनिवार को ग्राम पंचायत बिरमोऊ में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना था। सरकारी व्यवस्थाओं के तहत शिविर में 14 विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहना था, लेकिन मात्र चार अधिकारी ही पहुंचे। मजे की बात यह रही कि जिस पंचायत में यह शिविर लगना था उसके प्रधान को इस संबंध में कोई सूचना ही नहीं दी गई थी।
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ग्रामीण बलवीर सिंह, अजय सिंह, प्रीतम सिंह, गेंदा भारती, दीवान सिंह ने बताया कि शिविर के नोडल अधिकारी ने गांव में पहुंचकर उन्हें बताया था कि शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, कृषि, उद्यान, लोक निर्माण, सिंचाई, पेयजल, तहसील, बाल विकास, समाज कल्याण, जिला विकास, पंचायती राज, जिला पूर्ति, उद्योग सहित 14 विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। लेकिन, मौके पर नोडल अधिकारी प्रेमलाल के अलावा कृषि विभाग से प्राची पुरोहित, सिंचाई विभाग से राजेश, शिव प्रसाद व उद्यान विभाग से एचएल आर्य ही यहां दिखाई दिए। ग्रामीणों के कई घंटे इंतजार के बाद भी जब अधिकारी नहीं पहुंचे तो उन्होंने नोडल अधिकारी व उनके साथ मौजूद अधिकारियों को बिना समस्या सुने ही वापस लौटा दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब सभी अधिकारी मौजूद होंगे तभी गांव में शिविर लग सकेगा।
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ग्रामीण शिविर में पहुंचे तो वहां अधिकारी ही नहीं थे। वह किनके सामने अपनी समस्या रखते। ऐसे औपचारिक शिविरों से कोई लाभ नहीं मिल सकता है। अधिकारियों से कहा गया है कि शिविर की सूचना विधिवत तीन दिन पहले ग्रामीणों को दी जाए उसके बाद ही शिविर का आयोजन किया जाए। दिनेश कुमार, ग्राम प्रधान
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के लिए 14 विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहने के लिए कहा गया था, लेकिन कई विभागों के अधिकारी नदारद रहे। अनुपस्थित अधिकारियों की सूची गांव में हुए घटनाक्रम के साथ लिखित रूप से मुख्य विकास अधिकारी को प्रेषित की जाएगी।
प्रेम लाल, नोडल अधिकारी व सहायक निदेशक डेरी विकास विभाग।