उत्तराखंड भोजनमाता संगठन की बैठक में भोजनमाताओं की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। वक्ताओं ने भोजनमाताओं के मानदेय को बढ़ा 10 हजार रुपये करने और सालों से कार्यरत भोजनमाताओं को न हटाने की मांग की। आर्य समाज मंदिर चकराता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही मानदेय बढ़ोतरी की मांग पर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से वार्ता करेगा। मांग पूरी न होने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि लंबे समय से भोजनमाताएं मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं लेकिन, उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। कहा कि हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, देहरादून और नैनीताल जिले में वर्तमान में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से स्कूलों में छात्रों को मिड-डे मील भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में भोजनमाताओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे थे लेकिन, शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि सभी भोजनमाताएं पूर्व की भांति कार्य करती रहेंगी। इस अवसर पर कमला राणा, प्रतिमा, कला देवी, मनीषा क्षेत्री, कविता, हेमा, तिल्लो देवी, कमला, सपना क्षेत्री, बिरमा, रूप देई, लक्ष्मी, उमला देवी, ऊषा देवी, बाला, सीमानी देवी, भद्री, अनारी, जसवीर सिंह, इंदर सिंह, जगदीश गुप्ता शामिल रहे।