{"_id":"65f5f381dd2156a9ef0482fb","slug":"the-fire-stations-and-units-of-pachhwadun-and-jaunsar-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1032-372693-2024-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: फायर हाइड्रेंट की कमी, पुराने वाहनों के चलते हांफ रहे अग्निशमन स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: फायर हाइड्रेंट की कमी, पुराने वाहनों के चलते हांफ रहे अग्निशमन स्टेशन
विज्ञापन
I- वाहनों की नहीं हो रही मरम्मत, नए मिल नहीं रहे
I
I- त्यूणी में भीषण अग्निकांड के बाद भी नहीं बनाए गए फायर हाइड्रेंटI
पछवादून और जौनसार बावर के अग्निशमन स्टेशन और यूनिट पुराने वाहनों के सहारे चल रहे हैं। अधिकांश वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। आपातकालीन स्थिति में वाहन कब बंद होकर सड़क पर खड़े हो जाएं, इसका पता नहीं है। न वाहनों की मरम्मत करवाई जा रही है, न ही नए वाहन खरीदे जा रहे हैं। सेलाकुई और त्यूणी जैसे संवेदशील क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट की कमी है। त्यूणी में फायर हाइड्रेंट की आपूर्ति पेयजल लाइन के ओवरहेड टैंक से हो रही है। यहां समय अनुसार पानी आपूर्ति होती है और विद्युत आपूर्ति बंद होने पर पानी की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
छह अप्रैल 2022 को देहरादून के सीमांत तहसील क्षेत्र त्यूणी में एक चार मंजिला लकड़ी के घर में आग लगने से चार बच्चियां जिंदा जल गई थीं। मामले में वाटर टेंडर में पर्याप्त पानी न होने की बात सामने आई थी। आग बुझाने के दौरान 10 मिनट में ही पानी समाप्त हो गया था। मामले में स्थानीय अग्निशमन यूनिट प्रभारी समेत चार दमकलकर्मी का निलंबन किया गया था। जिलाधिकारी सोनिका ने नए फायर हाइड्रेंट बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई पहल शुरू नहीं हुई। अग्निशमन यूनिट के प्रभारी सतीश भटगाईं ने बताया कि वह लगातार जलसंस्थान विभाग को नए फायर हाईड्रेंट और आपूर्ति को सीधा स्त्रोत से जोड़ने के लिए पत्र लिख रहे हैं।
सेलाकुई अग्निशमन स्टेशन में एक ही फायर हाइड्रेंट है। झाझरा और मांडूवाला में नए फायर हाइड्रेंट बनाने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टेशन के सभी अग्निशमन वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। वाहनों की मरम्मत भी नहीं की जा रही है। स्टेशन का जापानी पोर्टेबल पंप भी खराब है, जिसकी मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। छह फायरकर्मियों की भी कमी चल रही है। प्रभारी एफएसओ ईसम सिंह ने बताया कि नए वाहनों के लिए डिमांड भेजी गई है। बताया कि पोर्टेबल पंप की मरम्मत के लिए पत्राचार चल रहा है। तीन नए फायर हाईड्रेंट बनाने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
डाकपत्थर अग्निशमन स्टेशन में भी तीन से एक अग्निशमन वाहन की उम्र पूरी हो चुकी है। अब वाहन की फिटनेस भी नहीं हो रही है। स्टेशन के पास एंबुलेंस भी नहीं है। नए वाहन और एंबुलेंस के लिए डिमांड भेजी गई है। हालांकि फायर हाइड्रेंट के मामले में डाकपत्थर की स्थिति काफी अच्छी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में 18 और शहर में चार फायर हाइड्रेंट है। जबकि तीन आउटलेट भी है। स्टेशन का पोर्टेबल पंप त्यूणी यूनिट में रखा गया है। प्रभारी एफएसओ पीएस नेगी ने बताया कि नए वाहन और एबुलेंस के लिए डिमांड भेजी गई है।
विज्ञापन
I
I- त्यूणी में भीषण अग्निकांड के बाद भी नहीं बनाए गए फायर हाइड्रेंटI
पछवादून और जौनसार बावर के अग्निशमन स्टेशन और यूनिट पुराने वाहनों के सहारे चल रहे हैं। अधिकांश वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। आपातकालीन स्थिति में वाहन कब बंद होकर सड़क पर खड़े हो जाएं, इसका पता नहीं है। न वाहनों की मरम्मत करवाई जा रही है, न ही नए वाहन खरीदे जा रहे हैं। सेलाकुई और त्यूणी जैसे संवेदशील क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट की कमी है। त्यूणी में फायर हाइड्रेंट की आपूर्ति पेयजल लाइन के ओवरहेड टैंक से हो रही है। यहां समय अनुसार पानी आपूर्ति होती है और विद्युत आपूर्ति बंद होने पर पानी की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
छह अप्रैल 2022 को देहरादून के सीमांत तहसील क्षेत्र त्यूणी में एक चार मंजिला लकड़ी के घर में आग लगने से चार बच्चियां जिंदा जल गई थीं। मामले में वाटर टेंडर में पर्याप्त पानी न होने की बात सामने आई थी। आग बुझाने के दौरान 10 मिनट में ही पानी समाप्त हो गया था। मामले में स्थानीय अग्निशमन यूनिट प्रभारी समेत चार दमकलकर्मी का निलंबन किया गया था। जिलाधिकारी सोनिका ने नए फायर हाइड्रेंट बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई पहल शुरू नहीं हुई। अग्निशमन यूनिट के प्रभारी सतीश भटगाईं ने बताया कि वह लगातार जलसंस्थान विभाग को नए फायर हाईड्रेंट और आपूर्ति को सीधा स्त्रोत से जोड़ने के लिए पत्र लिख रहे हैं।
विज्ञापन
सेलाकुई अग्निशमन स्टेशन में एक ही फायर हाइड्रेंट है। झाझरा और मांडूवाला में नए फायर हाइड्रेंट बनाने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टेशन के सभी अग्निशमन वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। वाहनों की मरम्मत भी नहीं की जा रही है। स्टेशन का जापानी पोर्टेबल पंप भी खराब है, जिसकी मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। छह फायरकर्मियों की भी कमी चल रही है। प्रभारी एफएसओ ईसम सिंह ने बताया कि नए वाहनों के लिए डिमांड भेजी गई है। बताया कि पोर्टेबल पंप की मरम्मत के लिए पत्राचार चल रहा है। तीन नए फायर हाईड्रेंट बनाने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
डाकपत्थर अग्निशमन स्टेशन में भी तीन से एक अग्निशमन वाहन की उम्र पूरी हो चुकी है। अब वाहन की फिटनेस भी नहीं हो रही है। स्टेशन के पास एंबुलेंस भी नहीं है। नए वाहन और एंबुलेंस के लिए डिमांड भेजी गई है। हालांकि फायर हाइड्रेंट के मामले में डाकपत्थर की स्थिति काफी अच्छी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में 18 और शहर में चार फायर हाइड्रेंट है। जबकि तीन आउटलेट भी है। स्टेशन का पोर्टेबल पंप त्यूणी यूनिट में रखा गया है। प्रभारी एफएसओ पीएस नेगी ने बताया कि नए वाहन और एबुलेंस के लिए डिमांड भेजी गई है।