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साहित्य और सिनेमा अलग, कहानियों को जीवंत बनाते हैं पात्र : इम्तियाज

Mon, 30 Oct 2023 12:22 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 30 Oct 2023 12:22 AM IST
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The exciting finale took place at Doon International School,
I- साहित्य, सम्मान और चर्चा के साथ दून लिटरेचर फेस्टिवल का हुआ समापन
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I- लेखिका अंकिता जैन को मिला ‘शिवानी-आयरन लेडी ऑफ द हिल्स’ पुरस्कारI

पांचवें देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (डीडीएलएफ) का रविवार को दून इंटरनेशनल स्कूल, रिवरसाइड कैंपस और हयात रीजेंसी रिजॉर्ट एंड स्पा में रोमांचक समापन हुआ। आखिरी दिन फिल्म निर्माता इम्तियाज अली, अभिनेत्री शोभिता धूलिपाला, अभिनेता समीर सोनी, इतिहासकार हिंडोल सेन गुप्ता और फिल्म निर्माता व फैशन डिजाइनर मुजफ्फर अली के सत्र हुए।

कार्यक्रम में इम्तियाज अली ने लेखन और फिल्म निर्माण पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि साहित्य और सिनेमा अलग हैं। किसी किताब पर आधारित फिल्म बनाते हैं तो फिल्म बिल्कुल अलग होती है। साहित्य के अद्भुत पात्र सिल्वर स्क्रीन पर जीवित होते हैं और पात्र ही कहानियों को जीवंत बनाते हैं। पात्र और कहानी एक-दूसरे के पूरक हैं। अभिनेत्री शोभिता धूलिपाला ने कहा कि किताबें और सिनेमा कहानियों को जीवंत बनाते हैं। अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी ने कहा कि अभिनय और फैशन क्षेत्र में महिलाओं को आए दिन आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कलाकार की ऑन-स्क्रीन भूमिकाएं उनके निजी जीवन को नहीं दर्शातीं।
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इस दौरान साहित्यकार गौरा पंत उर्फ शिवानी की स्मृति में ‘शिवानी-आयरन लेडी ऑफ द हिल्स’ पुरस्कार लेखिका अंकिता जैन को दिया गया। इस दौरान विभिन्न सत्रों में लेखिका स्मृति दीवान, रेशमा कृष्णन बार्शिकर आदि ने भी विचार रखे।
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Iखुद को नहीं कर पाता था प्रस्तुत, इसलिए चुना लेखन : समीर सोनीI

अभिनेता समीर सोनी और गायिका खुशबू ग्रेवाल ने ‘माइंड मैटर्स- मेंटल वेलबीइंग फॉर यंग एडल्ट्स’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रतिभाग किया। समीर सोनी ने कहा कि अंतर्मुखी और शर्मीला होने के चलते उन्हें खुद को प्रस्तुत करने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इसलिए अपने विचारों और चिंताओं को व्यक्त करने के लिए लेखन का सहारा लिया। डीडीएलएफ के संस्थापक और निर्माता समरांत विरमानी ने कहा कि यह उत्सव साहित्य, कला और विचारों का एक महोत्सव रहा है।
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