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Dehradun News: सैलानियों को खूब भा रही चकराता की शांत वादियां
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मैदानी इलाकों में बढ़े तापमान ने चकराता की रौनक बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में सैलानी चकराता और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि अधिकांश होटल और रिजॉर्ट में 30 जून तक एडवांस बुकिंग चल रही है। जिससे होटल व्यवसायियों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
इस साल अप्रैल और मई माह में बारिश के चलते मैदानी इलाकों का तापमान भी कम था। जिसके चलते कम संख्या में लोग चकराता पहुंच रहे थे। जिससे होटल व्यवसायी भी मायूस थे, लेकिन मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने के साथ ही चकराता क्षेत्र में सैलानियों की चहल-पहल बढ़ गई है। दिल्ली से चकराता ््पहुंचे यू-टयूबर सुमित, राजन, गीतिका, नमिता का कहना है कि चकराता हिल स्टेशन उत्तराखंड के अन्य हिल स्टेशनों से खास है। यहां की शांत वादियों में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठा सकते हैं।
दिल्ली से यह मात्र सात घंटे की दूरी पर है। हरे-भरे चरागाह सैलानियों को आकर्षित करते हैं। उनका कहना है कि मसूरी और नैनीताल भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं। चकराता की बात ही अलग है। दिल्ली के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से भी सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं।
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इन क्षेत्रों में पहुंच रहे पर्यटक
छावनी क्षेत्र चकराता के साथ ही रामताल गार्डन, ठाणा डांडा, नागथात, बैराटखाई, चुरानी, लोखंडी, मोईला टॉप, कोटी, कनासर, मुंडाली, जाडी, बुधेर गुफा, खड़बा, देववन क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
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बयान...
अप्रैल और मई माह में हुई बारिश के चलते कम संख्या में लोग चकराता पहुंचे, लेकिन मैदानी इलाकों में बढ़ी गर्मी के साथ ही सैलानियों ने चकराता का रुख किया है। अधिकांश होटल और रिजॉर्ट में 30 जून तक अग्रिम बुकिंग चल रही है। - दिगंबर चौहान, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन
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गर्मी से राहत पाने के लिए टाइगर फॉल में लगा रहे गोता
गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में चकराता छावनी बाजार से 17 किमी दूरी पर स्थिति टाइगर फॉल पहुंच रहे हैं। यह झरना करीब 50 मीटर ऊंचाई से गिरता है। इस झरने की आवाज शेर की दहाड़ की तरह सुनाई देती है, जिस कारण अंग्रेजों ने इसे टाइगर फॉल नाम दिया।
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इस साल अप्रैल और मई माह में बारिश के चलते मैदानी इलाकों का तापमान भी कम था। जिसके चलते कम संख्या में लोग चकराता पहुंच रहे थे। जिससे होटल व्यवसायी भी मायूस थे, लेकिन मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने के साथ ही चकराता क्षेत्र में सैलानियों की चहल-पहल बढ़ गई है। दिल्ली से चकराता ््पहुंचे यू-टयूबर सुमित, राजन, गीतिका, नमिता का कहना है कि चकराता हिल स्टेशन उत्तराखंड के अन्य हिल स्टेशनों से खास है। यहां की शांत वादियों में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठा सकते हैं।
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दिल्ली से यह मात्र सात घंटे की दूरी पर है। हरे-भरे चरागाह सैलानियों को आकर्षित करते हैं। उनका कहना है कि मसूरी और नैनीताल भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं। चकराता की बात ही अलग है। दिल्ली के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से भी सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं।
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इन क्षेत्रों में पहुंच रहे पर्यटक
छावनी क्षेत्र चकराता के साथ ही रामताल गार्डन, ठाणा डांडा, नागथात, बैराटखाई, चुरानी, लोखंडी, मोईला टॉप, कोटी, कनासर, मुंडाली, जाडी, बुधेर गुफा, खड़बा, देववन क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
बयान...
अप्रैल और मई माह में हुई बारिश के चलते कम संख्या में लोग चकराता पहुंचे, लेकिन मैदानी इलाकों में बढ़ी गर्मी के साथ ही सैलानियों ने चकराता का रुख किया है। अधिकांश होटल और रिजॉर्ट में 30 जून तक अग्रिम बुकिंग चल रही है। - दिगंबर चौहान, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन
गर्मी से राहत पाने के लिए टाइगर फॉल में लगा रहे गोता
गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में चकराता छावनी बाजार से 17 किमी दूरी पर स्थिति टाइगर फॉल पहुंच रहे हैं। यह झरना करीब 50 मीटर ऊंचाई से गिरता है। इस झरने की आवाज शेर की दहाड़ की तरह सुनाई देती है, जिस कारण अंग्रेजों ने इसे टाइगर फॉल नाम दिया।