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ऑडिट टीम ने भी देखीं दून अस्पताल की अव्यवस्थाएं
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देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भौतिक निरीक्षण कर रही राज्य सरकार की ऑडिट टीम ने भी अस्पताल में मानव संसाधन की कमी और अन्य तमाम कमियां देखीं। एआरटी सेंटर कक्ष के बहुत छोटा होने, अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करने और लगभग दो साल से एमआरआई मशीन न होने समेत विभिन्न दिक्कतों के बारे में ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज कर लिया है। हालांकि इस बारे में ऑडिट टीम ने अभी आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी।
ऑडिट टीम ने शुक्रवार और शनिवार को दून मेडिकल अस्पताल के पुरुष और महिला विंग का भौतिक निरीक्षण किया। ऑडिट टीम ने अस्पताल में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और चिकित्सीय उपकरणों व दवाओं आदि के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान एआरटी सेंटर कक्ष के छोटा होने, पैथोलॉजी जांच और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करने, नये ओपीडी भवन में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने, पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे न लगे होने, नये ओपीडी भवन से अस्पताल के पुराने भवन तक जाने ने मरीजों व स्टाफ को होने वाली असुविधा, पुल निर्माण समेत अन्य निर्माण कार्य में देरी, नई मशीन के अभाव में पिछले दो साल से एमआरआई जांच न होने, महिला विंग में गर्भवतियों के लिए बेड की कमी, समय पर अल्ट्रासाउंड न हो पाने और साफ-सफाई जैसी दिक्कतें भी पता चलीं। ऑडिट टीम में इसके अलावा भी अन्य कई कमियों और मरीजों व स्टाफ को होने को होने वाली परेशानियों का जिक्र भी अपनी रिपोर्ट में शामिल कर दिया है। ऑडिट टीम के साथ निरीक्षण के दौरान अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अस्पताल में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जा रहा है। जो चीजें निदेशालय और शासन स्तर से होनी है उनके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कर मार्गदर्शन लिया जाता रहता है।
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ऑडिट टीम ने शुक्रवार और शनिवार को दून मेडिकल अस्पताल के पुरुष और महिला विंग का भौतिक निरीक्षण किया। ऑडिट टीम ने अस्पताल में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और चिकित्सीय उपकरणों व दवाओं आदि के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान एआरटी सेंटर कक्ष के छोटा होने, पैथोलॉजी जांच और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करने, नये ओपीडी भवन में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने, पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे न लगे होने, नये ओपीडी भवन से अस्पताल के पुराने भवन तक जाने ने मरीजों व स्टाफ को होने वाली असुविधा, पुल निर्माण समेत अन्य निर्माण कार्य में देरी, नई मशीन के अभाव में पिछले दो साल से एमआरआई जांच न होने, महिला विंग में गर्भवतियों के लिए बेड की कमी, समय पर अल्ट्रासाउंड न हो पाने और साफ-सफाई जैसी दिक्कतें भी पता चलीं। ऑडिट टीम में इसके अलावा भी अन्य कई कमियों और मरीजों व स्टाफ को होने को होने वाली परेशानियों का जिक्र भी अपनी रिपोर्ट में शामिल कर दिया है। ऑडिट टीम के साथ निरीक्षण के दौरान अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अस्पताल में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जा रहा है। जो चीजें निदेशालय और शासन स्तर से होनी है उनके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कर मार्गदर्शन लिया जाता रहता है।
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