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Dehradun News: अतिवृष्टि से दरक रहे सीढ़ीनुमा खेत, फसलों पर बढ़ा रोग लगने का खतरा

Thu, 13 Jul 2023 01:42 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 01:42 AM IST
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Terraced fields are cracking due to excessive rains, increased risk of disease on crops
बीते शनिवार से क्षेत्र में हो रही बारिश ने जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र के किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अतिवृष्टि से किसानों के सीढ़ीनुमा खेत दरक रहे हैं। ढालदार खेतों में लगाए गए बगीचों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बारिश के चलते बढ़ी नमी के कारण बेमौसमी सब्जियों में फफूंदी का प्रकोप बढ़ रहा है। जिससे टमाटर, शिमला मिर्च, हरि मिर्च, हरा धनिया, बींस, अदरक, अरबी की फसल चौपट हो रही है।
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कोटी गांव के बागवान जगतराम नौटियाल ने बताया कि उनकी सेब की फसल तैयार है, लेकिन बारिश के चलते फलों का तुड़ान नहीं हो पा रहा है। अधिक बारिश से ड्रापिंग (फल गिरना) की समस्या बढ़ गई है। यदि समय पर तुड़ाई नहीं हुई तो फसल ड्रापिंग के चलते चौपट हो जाएगी। मेहरावना गांव के बागवान बृजेश जोशी ने बताया कि किसी भी फसल के लिए अतिवृष्टि नुकसानदायक होती है। लगातार बारिश से फफूंदी का प्रकोप बढ़ रहा है। सही तापमान न मिलने की वजह से फलों का आकार भी प्रभावित हो रहा है।
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समोग गांव के बागवान महाबल नेगी ने बताया कि जौनसार के निचले इलाकों में आम की फसल तैयार होने वाली है। यह आम अगस्त माह के प्रथम और दूसरे सप्ताह में बाजार में आता है। जिसके चलते किसानों को इसके अच्छे दाम मिल जाते हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से फल काला पड़ रहा है। पहले शीतकाल में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हुई अब अतिवृष्टि किसानों पर भारी पड़ रही है।
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बयान...
अतिवृष्टि से किसानों और बागवानों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश सभी क्षेत्रीय पटवारियों को दिए गए है। विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। - युक्ता मिश्रा, उपजिलाधिकारी, चकराता

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दवाई का करें छिड़काव
अतिवृष्टि से गलन और फफूंद रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। मौसम साफ होने पर किसानों को कार्बनडाइजीन या मैंकोजैब दो ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से बीमारी का प्रभाव कम होता है। - आरके जोशी, विकासखंड प्रभारी, कृषि
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