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उत्तराखंड: चीनी तकनीक से टिहरी बन सकेगा विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल, ये है सरकार की योजना
Sun, 10 Nov 2019 11:04 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 10 Nov 2019 11:04 AM IST
सार
- शहरी नियोजन और पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए चीनी निवेशकों से वार्ता
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टिहरी झील
विस्तार
पर्यटन और शहरी नियोजन क्षेत्र में निवेश करने के लिए उत्तराखंड ने चीनी निवेशकों को आमंत्रित किया है। सरकार का मानना है कि शहरी नियोजन में चीनी तकनीक का प्रयोग करने से टिहरी को विश्व स्तरीय आधुनिकतम पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे वैश्विक पटल पर पर्यटकों के लिए टिहरी एक आदर्श गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।
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शनिवार को राज्य स्थापना दिवस पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने सचिवालय स्थित कार्यालय में चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ पर्यटन और शहरी नियोजन क्षेत्र में निवेश करने पर बैठक की। जिसमें सिस्टर सिटी कन्वेंशन, पांच सितारा होटल, टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ चीन और उत्तराखंड के मध्य पर्यटन व संस्कृति के आदान प्रदान के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक के बाद चीनी प्रतिनिधिमंडल शहरी नियोजन की संभावनाओं से रूबरू होने के लिए टिहरी के लिए रवाना हुआ।
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पर्यटन सचिव ने बताया कि उत्तराखंड में चीनी निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से यह बैठक रखी गई थी। जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने निवेश करने के लिए सकारात्मक रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि राज्य में पांच सितारा होटलों के निर्माण व शहरी नियोजन के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चीन व उत्तराखंड के मध्य व्यापारिक संबंध काफी सुदृढ़ हैं।
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दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही इससे दोनों देशों के बीच संस्कृति का आदान-प्रदान होगा और आपसी सौहार्द बढ़ेगा। बैठक में चीनी प्रतिनिधियों पैंग झांग, यिंग सुन, झैंक्सी दुन, जिनफेंग रेन समेत द्वारिका प्रसाद रतूड़ी मौजूद थे।