टिहरीवासियों ने शनिवार को टिहरी का स्थापना दिवस मनाया। वनस्थली में बने टिहरी के अनुकृति पर लोगों ने दीप जलाए और अपने पुराने शहर को याद कर वह भावुक हो गए। इस दौरान आने वाली पीढ़ियों को टिहरी और उसकी संस्कृति याद रहे इसके लिए कामना की।
इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक महिपाल नेगी ने बताया कि 12 साल के निर्वासत जीवन के बाद सुदर्शन शाह अपनी शेष बची रियासत के लिए राजधानी की तलाश में टिहरी पहुंचे और 28 दिसंबर 1815 को टिहरी गढ़वाल को अपनी राजधानी घोषित किया। उन्होंने कहा कि इसलिए हर साल 28 दिसंबर को टिहरी का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस दौरान लोगों ने टिहरी को याद कर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। इस दौरान कई लोगों भावुक हो गए। इस दौरान सुबोध बहुुगुणा,डॉ. रिचा रतूड़ी, गौरव डोभाल, सुकांत, अभिनव थापर आदि मौजूद थे।