श्रीनगर पॉवर प्रोजेक्ट शुरू होते ही झटका, मशीन बिगड़ी
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शुक्रवार तड़के करीब 15 मेगावाट विद्युत उत्पादन के बाद अलकनंदा जल विद्युत परियोजना की स्विचयार्ड में तकनीकी दिक्कत आने से ग्रिड से इसका कनेक्शन कट गया। इससे दो दिनों से परियोजना को कमीशन (जोड़ने) करने में लगे इंजीनियरों को झटका लगा है।
इंजीनियर नए सिरे से परियोजना को सिंक्रोनाइज करने में जुटे हैं। देर रात परियोजना से उत्पादित बिजली ग्रिड से दोबारा जोड़ी जाएगी।
पहले नंबर की टरबाइन से 82.5 मेगावाट (82 हजार 500 किलोवाट प्रति घंटा) बिजली मिलने पर इसे सफल मानते हुए तीसरी नंबर की टरबाइन को ग्रिड से सिंक्रोनाइज करने की कार्रवाई की जाएगी।
टरबाइनों की चार्जिंग और टेस्टिंग के बाद जीवीके/एएचपीसीएल की ओर से शुक्रवार देर रात से विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था।
केवल एक ही टरबाइन की गई शुरू
प्रथम चरण में एक टरबाइन से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके लिए टरबाइन से उत्पन्न बिजली और ग्रिड से आ रही बिजली को 400 केवी में सिंक्रोनाइज किया गया। इसके बाद स्विच यार्ड में ग्रिड से विद्युत लाइन जोड़ दी गई।
तड़के तीन से पांच बजे तक प्रतिघंटे 15 मेगावाट की दर से विद्युत उत्पादन हुआ, लेकिन अचानक लाइन ने ट्रिप ले ली।
कंपनी सूत्रों के अनुसार, अब दोबारा जीरो से शुरुआत की जा रही है। मरम्मत के बाद सिंक्रोनाइज का काम चल रहा है। एक टरबाइन की अधिकतम क्षमता 82.5 मेगावाट की है।
शुक्रवार तड़के तक सिर्फ 15 मेगावाट तक ही उत्पादन हो पाया था। एक-दो दिन में टरबाइन की क्षमता के अनुसार विद्युत उत्पादन की संभावना है।