शिवलिंग हिमशिखर की 30 किमी लंबी परिक्रमा पूरी कर लौटा दल, जुटाई कईं अहम जानकारियां
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कैलाश मानसरोवर की तर्ज पर गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में शिवलिंग हिमशिखर की परिक्रमा के लिए शौकीन पर्यटकों को आकर्षित करने की मुहिम के तहत परिक्रमा पथ की रेकी कर अभियान दल सकुशल लौट आया है। रियल एडवेंचर गंगोत्री(रैग), गंगोत्री नेशनल पार्क और एसडीआरएफ के संयुक्त सात सदस्यीय अभियान दल ने सात दिन के भीतर यह परिक्रमा पूरी कर इस रूट को खोल दिया है।
बता दें कि डीएम डॉ.आशीष चौहान द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगोत्री नेशनल पार्क स्थित शिवलिंग पीक की परिक्रमा अभियान की योजना तैयार की गई थी, ताकि कैलाश मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर जनपद में भी रोमांच व आध्यात्मिक यात्रा शुरू की जा सके।
इस योजना को अमल में लाने से पूर्व प्रशासन ने एसडीआरएफ, वन विभाग तथा रैग कंपनी के सात सदस्यों की टीम गठित की थी, जिसे इस ट्रैक रूट को खोलने व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का जिम्मा सौंपा गया। बीते 13 सितंबर को सीएम त्रिवेंद्र रावत ने गंगोत्री धाम से इस टीम को फ्लैग ऑफ किया था।
हालांकि टीम लीडर दीपक राणा के नेतृत्व में सारिका पाटिल, अंकुल सिंह, सुरेश शेरपा, एसडीआरएफ के सुनील कुमार एवं गबर सिंह नेगी तथा गंगोत्री नेशनल पार्क के देवराज राणा ने 22 सितंबर को गंगोत्री से अपना अभियान शुरू किया।
अभियान दल भोजवासा, गोमुख होते हुए 23 सितंबर को तपोवन पहुंचा। यहां से शिवलिंग पीक के बायीं ओर से ट्रेकिंग शुरू कर दल के सदस्य अगले दिन कीर्ति ग्लेशियर पहुंचे। यहां 700 मीटर ऊंची आइस वॉल परिक्रमा पथ का सबसे दुर्गम हिस्सा साबित हुई।
दल में शामिल दीपक राणा, अंकुल सिंह एवं सुरेश शेरपा ने इस चुनौती को तोड़कर आगे कदम बढ़ाए, जबकि दल के शेष सदस्य मेरू ग्लेशियर से होते हुए इस आइस वॉल के दूसरे छोर पर पहुंचे। यहां से यही टीम मेरू ग्लेशियर से होते हुए 28 सितंबर को तपोवन लौटी।
शिवलिंग परिक्रमा अभियान के दौरान जुटाए गए आंकड़ों, रूट मैप आदि जानकारियों का संकलन कर एक पुस्तिका तैयार की जाएगी, ताकि रोमांच के शौकीन देश-विदेश के पर्यटकों को इसकी जानकारी मुहैया कराकर उन्हें इस ओर आकर्षित किया जा सके। इस परिक्रमा पथ के खुलने से जिले में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
-प्रकाश खत्री, जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी।