फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   teacher transfer in uttarakhand.

नए शिक्षकों को 'घर' में ही मिलेगी तैनाती

Sun, 08 Feb 2015 10:20 AM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 08 Feb 2015 10:20 AM IST
विज्ञापन
teacher transfer in uttarakhand.

उत्तराखंड में सैकड़ों शिक्षक भले ही 14-15 साल दुर्गम में तैनाती के बावजूद अपने गृह जनपद नहीं पहुंच सके हों, लेकिन चार माह पूर्व ही नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को यह तोहफा मिलने वाला है।

विज्ञापन


इन शिक्षकों को प्रथम विकल्प के आधार पर दोबारा जिलों का आवंटन किया जाएगा। शासन से इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बने 2794 बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों को चयन में वरिष्ठता के आधार पर गृह जनपद आवंटित किए जाने थे।
विज्ञापन


कई शिक्षकों को संबंधित जिलों में पद खाली न होने के कारण गृह जनपद नहीं मिल सका। शिक्षा विभाग ने इन्हें दूसरे और तीसरे विकल्प के आधार पर दूसरे जिलों में नियुक्ति दी, लेकिन 267 पद खाली रह गए। इस पर इन शिक्षकों ने प्रथम विकल्प यानी गृह जनपद में तैनाती की मांग उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब शासन ने वरिष्ठता के आधार पर जनपदों के फिर से आवंटन एवं इसके बाद खाली रह गए 267 पदों को प्रतीक्षा सूची से भरने के निर्देश दिए हैं।

नए सिरे से होगी प्रक्रिया

teacher transfer in uttarakhand.

शिक्षकों की भर्ती के लिए 31 जनवरी 2014 के शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में जनपद का विकल्प देना होगा। चयन में वरिष्ठता और प्राप्त विकल्प के आधार पर ही उन्हें जनपद आवंटित किए जाएंगे।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से इसके अनुरूप ही काम किया गया। लेकिन कुछ शिक्षकों ने नियुक्ति नहीं ली। अब दोबारा प्रक्रिया शुरू होने पर सभी शिक्षकों को नए सिरे से जिले आवंटित किए जाएंगे, ताकि शासनादेश का पालन तय हो।

अदालत का भी डर
शिक्षा विभाग को यह डर भी सता रहा था कि शिक्षकों के पद खाली रहने के बावजूद यदि वरीयता वाले शिक्षकों को उनके प्रथम विकल्प के आधार पर जनपद आवंटित नहीं किए गए तो वे इसे शासनादेश का उल्लंघन मानते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

प्रदेश में कुछ जनपदों में शिक्षकों के पद खाली रह गए हैं। जिन जिलों में ये पद खाली हैं, वहां वरिष्ठता के आधार पर जनपदों का फिर से आवंटन के आदेश हुए हैं। इसके बाद ही प्रतीक्षा सूची से खाली रह गए शिक्षकों के पदों को भरा जाना है।
- सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक बेसिक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed