{"_id":"aaebdafbbaec6c726792223943839bae","slug":"teacher-shortage-in-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक हैं नहीं, जो थे वे भी हटा दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक हैं नहीं, जो थे वे भी हटा दिए
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 01 Oct 2013 11:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सैकड़ों स्कूलों में अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है। वर्षों से ये स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे। विभाग ने खाली पदों पर तैनाती तो दी नहीं, जो कार्यरत थे उनका भी मध्य सत्र में तबादला कर दिया। इससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था चरमरा गई है। दूसरी ओर, शिक्षक भी स्थानांतरण वाले स्कूलों में पद ग्रहण करने के बजाय तबादले रुकवाने की जोड़तोड़ में लगे हैं।
विज्ञापन
केस नंबर एक
जीजीआईसी ऋषिकेश में 1300 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। यहां प्रवक्ताओं के दस पद स्वीकृत हैं, लेकिन भौतिक विज्ञान प्रवक्ता का पद खाली है। छात्राएं बिना शिक्षक परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, अब गणित प्रवक्ता रचना अग्रवाल का भी तबादला कर दिया गया है।
विज्ञापन
केस नंबर दो
जीजीआईसी काशीपुर में 2647 छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां अंग्रेजी के दो, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान समाज शास्त्र और मनोविज्ञान का एक-एक पद खाली है। इसके बावजूद भौतिक विज्ञान की गीता चौहान, जीव विज्ञान की आभा श्रीवास्तव और गृह विज्ञान की नीता दुबे को हटा दिया गया है।
विज्ञापन
केस नंबर तीन
जीजीआईसी दोलिया नैनीताल में 545 छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गृह विज्ञान प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। अब दो अन्य प्रवक्ताओं गणित की प्रवक्ता उषा पांडे और रसायन विज्ञान की पुष्पा का तबादला कर दिया गया है।