अप्रैल से शुरू होंगे उत्तराखंड में शिक्षकों के ट्रांसफर
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नई तबादला नियमावली के तहत शिक्षकों के तबादले अप्रैल माह से शुरू होंगे। साथ ही करीब 15 हजार भोजन माताओं को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक के बाद शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने इन फैसलों की जानकारी दी।
ननूरखेड़ा स्थित राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) में हुई समीक्षा बैठक में 16 बिंदुओं पर चर्चा हुई। तय हुआ कि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद अप्रैल माह से शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होगी।
शिक्षामंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा के तहत करीब 15 हजार भोजनमाताओं को नहीं हटाने के फैसले पर अंतिम मुहर लग गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव एस राजू, शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, सीमा जौनसारी, डी सेंथिल पांडियन आदि मौजूद रहे।
ये रहे बैठक के मुख्य बिंदु-
स्कूलों में हाजिरी मशीन जल्द
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में हाजिरी मशीन लगाने के लिए सर्वेक्षण शुरू होगा। इसके बाद बजट जारी हो जाएगा।
एक जैसी ड्रेस पहनेंगे बच्चे
सभी सरकारी विद्यालयों में अब बच्चे की ड्रेस एक जैसी होगी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इसका प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजा जाएगा। ड्रेस वितरण का अधिकार स्कूल प्रबंधन समिति से हटाने का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया।
मिड डे मील से हटेंगे शिक्षक
स्कूलों में मिड डे मील की जिम्मेदारी से शिक्षकों को राहत मिल सकती है। बैठक में तय हुआ कि शिक्षकों के बजाय इसकी जिम्मेदारी किसी और को दी जाए। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।
स्कूल में होगी टिनशेड
मंत्री ने त्रिपुरा दौरे का हवाला देते हुए कहा कि स्कूलों में छत और चहारदीवारी टिनशेड वाली होनी चाहिए। इससे न केवल पैसा बचेगा बल्कि आपदा के दौरान भी ऐसी छतें सुरक्षित साबित होंगी। शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के विद्यालयों में स्वास्थ्य, पेयजल व्यवस्था और सफाई व्यवस्था का प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।
अतिथि शिक्षिकों का प्रस्ताव
शिक्षामंत्री ने बताया कि अप्रैल तक सूबे को करीब 350 प्राचार्य मिल जाएंगे। साथ ही उन्होंने बीएड टीईटी में वर्षवार नियुक्ति के लिए नियमावली में संशोधन की बात कही। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों(गेस्ट टीचर) की भर्ती का प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेज दिया गया है। बीएड टीईटी पर लगी उच्चतम न्यायालय की रोक के मामले में भी केंद्र से मानकों में शिथिलीकरण की मांग की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों के चतुर्थ श्रेणी के 690 पदों को आउटसोर्सिंग से भरने पर भी मुहर लगी।
11वीं में हो सकता है प्रोविजनल एडमिशन
समीक्षा बैठक में यह मामला उठा कि दसवीं की परीक्षा देते ही छात्र के अभिभावक से एक शपथ पत्र लेकर उसे 11वीं में प्रोविजनल दाखिला दे दिया जाए। इसके बाद अगर छात्र किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान(एनआईओएस) से परीक्षा दिलवाई जाए। कुछ अधिकारियों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि एनआईओएस की तर्ज पर उत्तराखंड बोर्ड में ही बैक परीक्षा का प्रावधान कर दिया जाए।
बाल कलाकार को मिलेगा मंच
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को केंद्र सरकार के सेंटर फॉर कल्चरल रिसॉर्सेज एंड ट्रेनिंग(सीसीआरटी) से जोड़ने को कहा। इस केंद्र से जुड़ने के बाद प्रदेश के नृत्य, संगीत व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों को मंच मिलेगा।
पूर्व निदेशक ने भेजा जवाब
एससीईआरटी में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में चल रही जांच में पूर्व निदेशक सीएस ग्वाल ने शासन को जवाब भेज दिया है। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने बताया कि उनके जवाब का अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।