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नमो ऐप पर ‘लापता’ शिक्षकों की शिकायत
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 21 Oct 2016 02:19 AM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोबाइल ऐप ‘नमो’ पर दूधली के युवा अजय कुमार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली और इसमें सुधार के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने का पत्र भेजा तो केंद्र ने राज्य को शिकायत पर अमल करने को पत्र भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य हो जाएगी।
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अजय ने नमो ऐप पर लिखकर भेजा है कि बदहाल व्यवस्था के चलते सरकारी स्कूलों से लोगों का दिन प्रतिदिन मोहभंग होता जा रहा है। इसी कारण प्रदेश में सैकड़ों स्कूल या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने की कगार पर हैं। उत्तराखंड के स्कूलों में औचक निरीक्षण किया जाता है, तो अधिकतर शिक्षक लापता रहते हैं।
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इस कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता खत्म होती जा रही है। लोग सरकारी स्कूलों से अपने बच्चों को निकालकर निजी पब्लिक स्कूलों में डाल रहे हैं। प्रदेश का अधिकतम बजट शिक्षा विभाग को दे दिया जाता है। करदाताओं की गाढ़ी कमाई से शिक्षकों को मोटा वेतन दिया जा रहा है, फिर भी शिक्षक आए दिन हड़ताल पर रहते हैं।
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लिहाजा, शिक्षकों की जवाबदेही तय करना नितांत आवश्यक है। पहाड़ी इलाकों में शिक्षक लगातार नदारद रहते हैं, जिस कारण पहाड़ों में शिक्षा व्यवस्था चौपट है। व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए प्राइमरी से कक्षा 12 तक के स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था करवाई जाए। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्र ने राज्य को पत्र भेज दिया है। हालांकि, यहां अहम बात यह भी है कि पूर्व में केंद्र से बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए आया हुआ बजट लैप्स हो चुका है, कई साल से चल रही कवायद आज तक फाइलों से बाहर नहीं आई है।