फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Teacher found guilty of raping and molesting a visually

Dehradun News: दृष्टिबाधित छात्रा से दुष्कर्म और छेड़खानी के दोषी शिक्षक को 20 साल की कैद

Wed, 31 Jan 2024 03:10 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jan 2024 03:10 AM IST
विज्ञापन
Teacher found guilty of raping and molesting a visually
I
विज्ञापन

II- जुलाई 2018 में हुई थी घटना, तत्कालीन वाइस प्रिंसिपल को छह माह के कारावास की सजा
I
I

I
I- दोषी संगीत शिक्षक करता संगीत की कक्षा के दौरान करता था छात्राओं से छेड़खानी
I
I
I
Iसरकारी आवासीय शिक्षण संस्थान में दृष्टिबाधित छात्रा से दुष्कर्म और अन्य छात्राओं से छेड़खानी करने वाले संगीत शिक्षक को न्यायालय ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िताओं की शिकायतें दबाने में तत्कालीन वाइस प्रिंसिपल को भी कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए छह माह कैद की सजा सुनाई। इस मामले में एक मुख्य पीड़िता समेत कुल नौ पीड़िताएं शिक्षक की दरिंदगी का शिकार हुई थीं। स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने संगीत शिक्षक पर कुल 55 हजार रुपये और वाइस प्रिंसिपल पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
I
I
I
Iशासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि सितंबर 2018 में बाल कल्याण समिति को शिक्षण संस्थान में दृष्टिबाधित छात्राओं के साथ छेड़खानी की शिकायत मिली थी। इस पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा की अध्यक्षता में इस मामले की जांच की गई। जांच के बाद अध्यक्ष कविता शर्मा की ओर से संस्थान के संगीत शिक्षक सुचित नारंग के खिलाफ राजपुर थाने में दुष्कर्म और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच की तो एक के बाद एक नौ दृष्टि बाधित छात्राओं के साथ इस तरह की घटना होने की बात सामने आई। पता चला कि सुचित नारंग इन छात्राओं को संगीत कक्षा में बुलाता था। वहां पर उनसे गंदी-गंदी बातें करता था।
विज्ञापन

I
I
I
Iसुचित पर आरोप था कि उसने इन छात्राओं में से एक के साथ दुष्कर्म भी किया। इसकी शिकायत जब उन्होंने प्रबंधन से की तो प्रबंधन भी इस बात को छुपाने में लगा रहा। तत्कालीन वाइस प्रिंसिपल डॉ. अनुसूइया शर्मा ने भी इस मामले को दबाने की कोशिश की। दूसरे कर्मचारियों और छात्रा के अभिभावकों से गवाही न देने को कहा। इस पूरे मामले में पुलिस ने प्राथमिक जांच करने के बाद शिक्षक सुचित नारंग, तत्कालीन डायरेक्टर अनुराधा डालमिया, वाइस प्रिंसिपल अनुसूइया शर्मा, छात्रा की अभिभावक तेजी कौर और लखनऊ के आश्रम की कर्मचारी पूर्णिमा के खिलाफ पोक्सो की विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में अभियोजन की ओर से पीड़िताओं समेत कुल 21 गवाह पेश किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
I
I
Iइनके आधार पर सुचित नारंग को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। जबकि, अनुसूइया शर्मा बातें छुपाने और गवाहों को चुप कराने में दोषी पाई गईं। डायरेक्टर अनुराधा डालमिया के खिलाफ ट्रायल पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने दोषी शिक्षक सुचित नारंग को दुष्कर्म के दोष में 20 साल कठोर कारावास और अलग-अलग धाराओं में कुल 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि, अनुसूइया शर्मा को छह माह और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
I
I
I
I
I
I
I
Iअभिभावक और आश्रम कर्मचारी हुए बरी
I
I
I
Iजिस पीड़िता के साथ सुचित नारंग ने दुष्कर्म किया था उसे लखनऊ के एक आश्रम से लाया गया था। उस वक्त इस छात्रा की अभिभावक तेजी कौर थी। जबकि, पूर्णिमा लखनऊ के आश्रम की कर्मचारी। इन दोनों पर भी मामले को दबाने का आरोप लगा था। कोर्ट ने इन दोनों के मामले में अलग से विचार किया लेकिन उनके खिलाफ कोई साक्ष्य न मिल पाने से उन्हें बरी कर दिया गया।

I
I
I
I
I
I
I
Iबचाव की ओर से कुल दो गवाह हुए पेश
I
I
I
Iइस मामले में बचाव पक्ष की ओर से कुल दो गवाह पेश किए गए थे। बचाव ने सजा के प्रश्न पर तर्क दिया कि शिक्षक सुचित नारंग देख नहीं सकते हैं। लिहाजा उन्हें कम से कम सजा दी जाए। लेकिन, अभियोजन ने इस मामले में मजबूत तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से कहा गया कि सुचित के प्रति दया का कोई भाव नहीं होना चाहिए। क्योंकि, जिस छात्रा के साथ उसने दुष्कर्म किया वह भी देख नहीं सकती थी।I
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article