{"_id":"677c255f5d62650e340c4a29","slug":"taking-medicine-without-medical-advice-during-pregnancy-can-be-life-threatening-dehradun-news-c-5-1-drn1030-587874-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun: गर्भावस्था के नौ महीने जच्चा-बच्चा के लिए अहम, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा खाना जानलेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun: गर्भावस्था के नौ महीने जच्चा-बच्चा के लिए अहम, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा खाना जानलेवा
Tue, 07 Jan 2025 03:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2025 03:02 PM IST
सार
दून अस्पताल में रविवार देर रात एक प्रसूता की तब मौत हो गई थी, जब उसको उच्च रक्तचाप की समस्या से जूझना पड़ रहा था। वह समय पूर्व प्रसव की से भी जूझ रही थी।
विज्ञापन
दवा
- फोटो : Freepik.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान दौरान को बगैर चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवाई का सेवन खतरनाक हो सकता है। यह महिलाओं के लिए समय पूर्व प्रसव की वजह जो बनता ही है, साथ ही जच्चा-बच्चा के लिए जान का खतरा भी पैदा करता है। इसके अलावा इससे प्रसूता को शुगर, बीपी और खून की कमी समेत कई दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
इसको लेकर दून अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ ने खासी चिंता जाहिर की है। दून अस्पताल में रविवार देर रात एक प्रसूता की तब मौत हो गई थी, जब उसको उच्च रक्तचाप की समस्या से जूझना पड़ रहा था। वह समय पूर्व प्रसव की से भी जूझ रही थी। आगे इस तरह की दिक्कतें न हो इसके लिए अस्पताल के चिकित्सक जांच के आने वाली गर्भवती महिलाओं को ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
दून अस्पताल में हर रोज 25 से 30 गर्भवतियों के प्रसव होते हैं। इसमें से कई महिलाओं के प्रसव के लिए ऑपरेशन की भी आवश्यकता पड़ती है। चिकित्सक इन सभी समस्याओं के पीछे की वजह गर्भावस्था के दौरान सही ढंग से देखभाल न करना बता रहे हैं।
विज्ञापन
महिलाओं को हर महीने करानी चाहिए जांच
दून अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्राचार्य डॉ. गीता जैन बताती हैं कि गर्भधारण करने से पूर्व ही अगर महिलाएं बीपी या सुगर जैसी बीमारियों से जूझती हैं, तो ऐसी स्थिति में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके लिए महिलाओं को हर महीने जांच करवानी चाहिए।
ये भी पढ़ें... HMPV Virus: स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से जारी किए आदेश के बाद हरकत में दून अस्पताल, बुलाई आपात बैठक
खून कमी से बढ़ता है समय पूर्व प्रसव का खतरा
चिकित्सक डॉ. गीता जैन के मुताबिक बार-बार गर्भधारण करने और महिला के शरीर में खून की कमी होने से समय पूर्व प्रसव का खतरा बढ़ता है। ऐसे में गर्भवतियों को खाने-पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।I