तालिबान के गढ़ में भूखे-प्यासे भटकते रहे पांच माह
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अफगानिस्तान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सुधीर थापा और मनोज कोटियाल से दो लाख 70 हजार रुपये ठग लिए। पांच महीने तक वे अफगानिस्तान में भटकते रहे। घरवालों के पैसा भेजने पर किसी तरह लौट पाए। तब पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी।
घटना के तीन साल बाद डीएम के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज किया है।
कौलागढ़ निवासी सुधीर थापा और नया गांव पेलियो के मनोज कोटियाल को निंबूवाला के सुखदेव शर्मा ने नवंबर-2012 में अफगानिस्तान में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके लिए उसने पहले दो लाख 70 हजार रुपये देने के लिए कहा।
नौकरी मिलने की उम्मीद से दोनों ने रुपयों का जुगाड़ किया। एक लाख 20 हजार दे दिए। सुखदेव ने बाकी की धनराशि नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के माध्यम से अपनी दो बहनों और भांजी के बैंक खातों में जमा करवा ली।
घर से मंगवाए 50 हजार तब सुरक्षित लौटे
बाद में दोनों ने घर संपर्क किया और 50 हजार रुपये मंगवाए। फिर लौट पाए। लौटने पर दोनों ने सुखदेव से संपर्क किया तो उसने पैसा देने से मना कर दिया। थापा ने शिकायत की तो सुखदेव गायब हो गया। सितंबर-2013 को गढ़ी कैंट थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
डीएम से शिकायत के बाद केस दर्ज
सुखदेव से पैसा वापस मिलने की जब उम्मीद न रही तो सुधीर थापा ने डीएम से 18 मार्च को शिकायत की। मामला लोक निवारण शिकायत प्रकोष्ठ को भेजा गया। इसके बाद इसकी जांच शुरू हुई।
इंस्पेक्टर कमल सिंह रावत ने जांच की तो घटना को सत्य पाया। 21 अप्रैल को डीएम ने एफआईआर दर्ज करने का पुलिस को आदेश दिया। पुलिस ने 24 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर लिया। एडीएम वित्त प्रताप सिंह शाह ने बताया कि जांच में धोखाधड़ी का मामला साबित हुआ है। इसके बाद डीएम ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया।