देहरादून: स्वाइन फ्लू ने निगली एक और जिंदगी
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राजधानी देहरादून में स्वाइन फ्लू ने एक और व्यक्ति की जान ले ली। 13 दिन तक दून के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे रोगी को डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी थी।
तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दून जिले में यह स्वाइन फ्लू से तीसरी मौत है।
मूलत: टिहरी गढ़वाल के गांव करमा (पट्टी दोगी) निवासी हर्षपति गैरोला (50) का परिवार ऋषिकेश के श्यामपुर खदरी में रहता है। दो वर्ष पूर्व गैरोला रायपुर के शांति विहार स्थित मकान में शिफ्ट हुए थे। दो सप्ताह पूर्व खांसी, जुकाम और तेज बुखार होने पर गैरोला को सीएमआई में भर्ती कराया गया।
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर अस्पताल ने निजी प्रयोगशाला में जांच करवाई। लैब ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि की तो डॉक्टरों ने टेमी फ्लू टैबलेट देनी शुरू कर दी।
छह दिनों तक रखा गया था वेंटिलेटर पर
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी गैरोला के रक्त नमूने दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) भेजे। एनसीडीसी की प्रयोगशाला ने भी गैरोला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की।
सीएमआई के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रामेश्वर पांडेय ने बताया कि मरीज को छह दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार को स्वस्थ होने पर मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन घर में भी ऑक्सीजन लेने की सलाह दी गई थी। परिजनों के अनुसार गैरोला को घर में आक्सीजन दी जा रही थी। इस बीच मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उन्हें महंत इंदिरेश अस्पताल ले गए। वहां मंगलवार देर रात हर्षपति गैरोला की मौत हो गई।
परिजनों का होगा चेकअप
स्वाइन फ्लू के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मदन बोनाल ने स्वाइन फ्लू से हर्षपति की मौत की पुष्टि की है। डॉ. बोनाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को विभाग की टीम हर्षपति के परिजनों का निरीक्षण करने जाएगी। जरूरी हुआ तो उनके रक्त नमूने लेकर दवा भी दी जाएगी।