आयुर्वेद और योग में मिला स्वाइन फ्लू का तोड़
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आयुर्वेद और योग का समन्वय स्वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारी को हराया जा सकता है।
आयुर्वेद विशेषज्ञों का दावा है कि इस चिकित्सा पद्धति में उन अनेक रोगों का इलाज उपलब्ध है, जिन्हें एलोपैथी असाध्य कह कर हाथ खड़े कर लेती है। स्वाइन फ्लू पिछले अनेक दशकों से दुनिया में कहीं न कहीं विद्यमान है।
आयुर्वेद में ऐसी बूटियां मौजूद हैं जिनके सेवन से इस रोग को शरीर में प्रवेश करने से भी रोका जा सकता है। रोग हो जाने पर दवाओं के माध्यम से मनुष्य रोग मुक्त हो सकता है। इस बात की तस्दीक योगगुरु रामदेव और आयुर्वेद के ख्यातिलब्ध विद्वान आचार्य बालकृष्ण भी करते हैं।
महर्षि पतंजलि द्वारा प्रणीत योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर को रोग निरोधक बनाकर स्पर्श से आने वाले रोगों को रोक दिया जाता है। प्राणायाम, ध्यान, धारणा और समाधि, योग के ऐसे अंग हैं, जो शरीर को किसी भी रोग से लड़ने के लिए पहले ही तैयार करते हैं।
रोग निरोधक क्षमता उत्पन्न हो जाने के कारण ही योगी आजीवन पूर्ण स्वस्थ्य रहते हैं। आज भी दुनिया भर में लाखों ऐेसे योग साधक हैं, जिन्हें जुकाम, खांसी जैसे सामान्य रोग भी नहीं होते।
बाबा रामदेव के मुताबिक स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी से निपटने के लिए सजग रहने की आवश्यकता है। योग के साथ यदि आयुर्वेद का प्रयोग किया जाए तो निश्चय ही स्वाइन फ्लू को ठीक किया जा सकता है।
स्वाइन फ्लू से ऐसे बचें...
स्वाइन फ्लू होने पर ये प्राणायाम करें
सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और उज्जायी।
आयुर्वेद में स्वाइन फ्लू के उपचार
100 ग्राम नीम की छाल, 100 ग्राम गिलोय, 50 ग्राम तुलसी, 50 ग्राम दालचीनी तथा 25 ग्राम लौंग एक साथ कूट कर 400 एमएल पानी में उबाल लें। जब पानी पकते हुए 100 एमएल रह जाए, तब उसे छानकर दिन में दो से तीन बार पीयें। स्वाइन फ्लू चला जाएगा।
- कपूर और इलायची को पोटली बांधकर जेब में रखें। बार-बार सूंघते रहें। ऐसा करने से स्वाइन फ्लू के किटाणु शरीर में प्रवेश नहीं करेंगे।
- महासुदर्शन घनवटी तथा गिलोय घनवटी की दो-दो गोलियां सुबह-शाम लेने से शरीर में स्वाइन फ्लू निरोधक शक्ति उत्पन्न होगी। यह प्रयोग रोज करें।
- यदि रोग आ जाए तो ज्वर नाशक क्वाथ तथा सौसारी क्वाथ का प्रयोग शुरू कर दे। रोग शीघ्र चला जाएगा।
- दूध में अश्वगंधा पाउडर डालकर पीयें।
- दूध में मुनक्का, हल्दी, छुहारा डालकर पीने से शरीर रोग से लड़ने लायक बनता है।
(पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक)