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बजट नहीं है, कैसे बताएं मिठाईयां नकली हैं?
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Oct 2013 12:02 AM IST
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दीप पर्व दिवाली को महज तीन दिन बाकी हैं। मिठाईयों का बाजार सज चुका है। सालाना बजट के रूप में 30 हजार रुपए स्वीकृत हैं, लेकिन समय पर बजट न होने से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर सैंपल भरने पड़ रहे हैं।
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डिस्पैचिंग का खर्च
एक सैंपल भरने में औसत रूप से 500-800 रुपए तक का खर्च आता है। इसके बाद कंटेनर खरीदने, 27 फार्म भरने, डिस्पैचिंग का खर्च अलग से है। हालांकि त्योहारी सीजन देख खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सैंपलिंग अभियान चलाया हुआ है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में अभी तक पहुंच नहीं हुई है। ऐसे में मिलावटखोरी पर लगाम दूर की कौड़ी बनी हुई है।
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नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा नमूने
नगर निगम क्षेत्र में इस साल सबसे ज्यादा नमूने लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह केअनुसार वह अब तक 130 नमूने ले चुके हैं। बीते साल यह आंकड़ा 68 था।
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