हरिद्वार:109 दिन से आमरण अनशन पर डटे स्वामी सानंद मंगलवार से त्यागेंगे जल, यहां पढ़ें वजह
गंगा की अविरलता और विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का अनशन 109 वें दिन भी जारी रहा। केंद्र सरकार पर अनशन की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सानंद ने मंगलवार की दोपहर दो बजे से जल भी त्याग देने की घोषणा कर दी है।
उन्होंने कहा कि एक बार जल छोड़ने के बाद यदि सरकार उनकी मांगों को मान भी लेती है तो फिर वे अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे और गंगा के लिए सर्वस्व बलिदान देकर ही रहेंगे।
मंगलवार को वे मातृसदन परिसर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल भेजा तो वे किसी भी रूप में जल ग्रहण नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि मां गंगा को अपनी मां कहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार गंगा को लेकर व्यवहार कर रही है उसे देखते हुए मोदी को अब सार्वजनिक रूप से कहना चाहिए कि गंगा मेरी मां नहीं बल्कि हमारी संपत्ति है।
22 जून से मातृसदन परिसर में आमरण अनशन कर रहे हैं
सरकार पर अनशन के साथ ही गंगा की भी अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गंगा की रक्षा के लिए बिलकुल भी गंभीर नहीं है। देहरादून में हुए प्रधानमंत्री इन्वेस्टर्स समिट के दौरान सामने आए प्रस्तावों की चर्चा करते हुए स्वामी सानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि वह केवल विकास के लिए उद्योग ही लगाने के पक्षधर हैं।
या फिर विकास की अंधी दौड़ के बीच हिमालय का देवत्व, गंगा का गंगतत्व और उत्तराखंड की आध्यात्मिकता बचाने का भी उनका इरादा है। उन्होंने कहा कि पूरे एजेंडे में गंगा और देवभूमि को बचाने का प्रयास कही भी दिखाई नहीं देता। स्वामी सानंद गंगा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर 22 जून से मातृसदन परिसर में आमरण अनशन कर रहे हैं।
इस मौके पर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि जल त्याग देने से यदि स्वामी सानंद का महाप्रयाण हो जाता है। तो नवरात्र के बाद वे भी आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को धोखेबाजों की सरकार बताया।