अविमुक्तेश्वरानंद ने मोदी सरकार पर लगाया सानंद की हत्या का आरोप, कहा 'कांग्रेस से भी बुरा होगा हश्र'
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गंगा के लिए अनशन करते हुए अपना बलिदान देने वाले स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पर केंद्र सरकार की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुुए सरकार को बहरी और संवेदनहीन बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने न केवल गंगा के साथ छल किया, बल्कि गंगा भक्त की हत्या भी की है। इसलिए भाजपा की आगामी चुनाव में कांग्रेस से भी बुरी तरह हारेगी। उन्होंने कहा कि सानंद के शरीर को लेने के लिए कोर्ट तक जाएंगे और गंगा की रक्षा को वृहद आंदोलन के रूप में बढ़ाते हुए स्वामी सानंद को न्याय दिलवाएंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती स्वामी सानंद को श्रद्धांजलि देने शनिवार को मातृसदन पहुंचे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती सहित अन्य लोगों ने स्वामी सानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि स्वामी सानंद विज्ञान और अध्यात्म का सुंदर रूप थे। वह मरने के लिए अनशन पर नहीं बैठे थे, लेकिन उनके जीते जी उनकी बातों को किसी ने नहीं सुना। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे जिन लोगों ने स्वामी सानंद की आवाज को नहीं सुना उन्हें सत्ता में बैठने का भी अधिकार नहीं है।
'स्वामी सानंद की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई'
उन्होंने कहा कि अब 25 से 27 नवंबर तक बनारस में होने वाली धर्म संसद को लेकर योजना तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर देशभर में मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है, जिसकी एसआईटी गठित कर जांच की जानी चाहिए।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि वह स्वामी सानंद के आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे और सानंद की भांति ही उनकी मांग भी गोमुख से गंगा सागर तक गंगा की अविरल धारा लाने की होगी।
जिसके लिए भागीरथी, मंदाकिनी, नंदाकिनी, अलकनंदा, धौली गंगा, पिंडर नदियों पर बनने वाली परियोजनाओं को निरस्त किया जाना चाहिए। इस मौके पर जल पुरुष राजेंद्र सिंह, कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष किशोर उपाध्याय, सुशीला भंडारी, शालिनी, हेमंत ध्यानी आदि मौजूद रहे।