Exclusive: गांवों को रोशन कर स्वरोजगार देंगे 6000 सोलर पावर प्लांट, सूर्योदय स्वरोजगार योजना फेज-2 की शुरुआत
वर्ष 2022-23 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 6000 सोलर पावर प्लांट लगाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। इस बार योजना के तहत केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से 40 प्रतिशत, राज्य सरकार से 40 प्रतिशत अंशदान मिलेगा।
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प्रदेश में गांवों को छह हजार सोलर पावर प्लांट रोशन करेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में सूर्योदय स्वरोजगार योजना फेज-2 को ऊर्जा मंत्रालय ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इसके दिशा-निर्देश आने के बाद आगे आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी।
दरअसल, सूर्योदय स्वरोजगार योजना पहली बार प्रदेश में 2016-17 में संचालित हुई थी।
उस वक्त इस योजना के तहत प्रदेश में 1924 सोलर पावर प्लांट स्थापित किए गए थे। इनकी क्षमता 7.73 मेगावाट थी। तब इस योजना के तहत ऊर्जा मंत्रालय ने 70 प्रतिशत, राज्य सरकार ने 20 प्रतिशत और लाभार्थी ने 10 प्रतिशत पैसा खर्च किया था। अब सूर्योदय स्वरोजगार योजना फेज-2 की शुरुआत होने जा रही है।
वर्ष 2022-23 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में 6000 सोलर पावर प्लांट लगाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। इस बार योजना के तहत केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से 40 प्रतिशत, राज्य सरकार से 40 प्रतिशत अंशदान मिलेगा। बाकी 20 प्रतिशत पैसा लाभार्थी को खर्च करना होगा। यह तीन-तीन किलोवाट के प्लांट होंगे।
कुल 18 मेगावाट बिजली इनमें तैयार होगी। ऊर्जा विभाग के मुताबिक, सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद अब इस योजना के तहत केंद्र सरकार से विस्तृत दिशा-निर्देश का इंतजार है। जैसे ही निर्देश आएंगे, उसके साथ ही प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले यह सोलर पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की गति धीमी
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की गति धीमी है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें 1472 आवेदन आए, जिनमें से 781 प्रोजेक्ट आवंटित हुए थे। इनमें से 125 के लोन स्वीकृत हुए और अब तक 94 को लोन वितरित हुआ है। 65 संयंत्र ही स्थापित हो पाए हैं। इस योजना के तहत ऋण अवधि में 5500 रुपये और ऋण अदायगी के उपरांत करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय का प्रावधान है।