नजूल भूमि से नहीं उजड़ेंगे आशियाने, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर दिया स्टे
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उत्तराखंड में रुद्रपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने कहा कि नजूल भूमि पर बसे 14 हजार से अधिक परिवारों को उजड़ने से रोकने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करने के बाद हाईकोर्ट के नजूल भूमि पर बसे लोगों को हटाने के आदेश पर स्थगनादेश दिया है।
सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने बीते वर्ष नजूल नीति को खारिज करते हुए वहां बसे 14 हजार से अधिक परिवारों को हटाने का आदेश दिया था। कहा कि विधायक राजकुमार ठुकराल ने नजूल भूमि पर बसे लोगों को उजड़ने न देने का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि नजूल भूमि खाली कराई गई तो वह वर्ष 2022 का चुनाव नहीं लड़ेंगे। निकाय चुनाव में यह मुद्दा भी बना था। मेयर रामपाल सिंह ने भी नजूल का मामला न सुलझने तक कुर्सी पर न बैठने का संकल्प लिया था।
बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वरिष्ठ अधिवक्ता रोहतगी ने सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगाई। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए सोमवार (11 फरवरी को) हाईकोर्ट के बीती 19 जून के आदेश पर स्थगनादेश दे दिया।
इधर, विधायक ठुकराल ने स्थगनादेश आने पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और मेयर सिंह ने जनता का आभार जताया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सरकार के साथ ही जनता की जीत है। उधर, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि सरकार नजूल पर काबिज लोगों को नहीं उजड़ने देगी।
मोदी मैदान से उजाड़े गए परिवारों को देंगे घर
विधायक राजकुमार ठुकराल ने मोदी मैदान से उजाड़े गए परिवारों को घर दिलाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मोदी की जनसभा के लिए अवैध रूप से मैदान में रहने वाले जिन परिवारों को हटाया है, उनसे वह मिले थे। विधायक ने कहा कि संबंधित लोगों को रंपुरा मोहल्ले में पीएम आवास बनाकर दिए जाएंगे। इसमें सरकार 2.50 लाख रुपये देगी और परिवार को 1.50 लाख रुपये देने होंगे। इसके लिए हटाए गए परिवारों की सूची भी बनाई जा रही है।
नजूल नीति को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल एसएलपी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है। कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता से यह जानकारी मिली है। अभी डिटेल ऑर्डर नहीं आया है। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद अब नजूल के मामले में सरकार निर्णय ले सकती है।
- जगदीश चंद्र कांडपाल, एडीएम नजूल।