लोनिवि में प्रमोशन में आरक्षण पर सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
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सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन में आरक्षण के पक्ष में उच्च न्यायालय के डबल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी है।
उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दायर की थी। उत्तराखंड सरकार की ओर से न्यायालय में जाने माने अधिवक्ता व पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने प्रदेश सरकार की ओर से दलील पेश की। सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल वंशजा शुक्ला ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ स्टे प्राप्त होने की पुष्टि की है।
'उच्च न्यायालय को इस संबंध में निर्देश देने का अधिकार नहीं'
उन्होंने बताया कि न्यायालय में सरकार की ओर से मुकुल रोहतगी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा कि आर्टिकल 16 (4 ए) आरक्षण के बारे में प्रावधान करने का राज्य को अधिकार देता है। उच्च न्यायालय को इस संबंध में निर्देश देने का अधिकार नहीं है। दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।
ये था मामला
उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीन रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने विनोद कुमार और अन्य बनाम उत्तराखंड सरकार के मामले में गत 15 जुलाई को लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पद पर प्रमोशन में आरक्षण देने के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि विभाग स्वीकृत 164 पदों के सापेक्ष 19 फीसदी आरक्षण के हिसाब से अनुसूचित जाति के लिए 31 पद बैठते हैं।