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नहीं गली अधिकारियों की 'दाल', उतरेगी बत्ती

Wed, 11 Dec 2013 08:58 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 11 Dec 2013 08:58 PM IST
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supreme court shows red light to 'lal battis'

राजधानी देहरादून में आरटीओ के नोटिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम व एडीएम अधिकारियों को बत्ती लगाने देने का आदेश करने के आग्रह को प्रमुख सचिव परिवहन ने खारिज कर दिया है।

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जिलाधिकारी ने उनको पत्र लिखा था कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में एडीएम और एसडीएम स्तर को नीली बत्ती लगाने दिया जाए। आरटीओ विभाग अब प्रमुख सचिव के आदेश की प्रति लेकर जिलाधिकारी और एसएसपी के वाहनों के अलावा सभी वाहनों की बत्ती उतारने की कार्रवाई करने का दावा कर रहा है।
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नीली बत्ती उतारने का नोटिस
आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई का कहना है कि जैसे ही प्रमुख सचिव का आदेश मिलेगा, सभी अवैध बत्तियों को तुरंत हटा दिया जाएगा। असल में, आरटीओ विभाग ने लगभग दस दिन पहले जिले के सभी एमडीएम, एडीएम और सीडीओ को अपने वाहनों से नीली बत्ती उतारने का नोटिस दिया था।

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आरटीओ विभाग भी बैकफुट था
एमडीएम मसूरी के अलावा जब किसी ने भी नीली बत्ती नहीं उतारी तो आरटीओ विभाग ने जिलाधिकारी को भी नोटिस दिया और एक हफ्ते में बत्ती उतारने का आग्रह किया। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब किसी ने भी बत्ती नहीं उतारी तो आरटीओ विभाग भी बैकफुट पर आ गए।

सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव परिवहन उमाकांत पंवार को पत्र लिखा जिसमें एसडीएम, सीडीओ और एडीमए अधिकारियों को नीली बत्ती लगाने का अधिकार दिए जाने का आग्रह किया। लेकिन, प्रमुख सचिव ने ऐसा कोई आदेश करने से इंकार कर दिया। आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने बताया अगर ऐसा आदेश हुआ है तो हम उसकी बिना पर सभी वाहनों से अवैध बत्ती उतार देंगे।

आदेश से आसान होगा अभियान चलाना
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लगभग दो माह में उत्तराखंड में भी लागू करना होगा। आरटीओ अधिकारियों को कहना है कि पहले सुप्रीम कोर्ट का आदेश शासन में जाएगा। उसके बाद शासन ऐसे वाहनों की लिस्ट तैयार करेगा, जिनके वाहनों से हूटर और बत्ती हटानी है। लिस्ट मिलते ही एक सप्ताह में ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, आरटीओ विभाग के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से ज्यादा उत्साह में है। उनका मानना है कि पहले जहां दबाव में आने के बाद बत्ती और हूटर हटाने के अभियान को  बैक फुट पर लाना पड़ता था। वहीं अब कोर्ट के आदेश से अभियान चलाना आसान हो जाएगा और कोई भी अधिकारी दबाव नहीं डालेगा।


जिलाधिकारी और एसएसपी को भी उतारनी पड़ेगी बत्ती
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, नए आदेश में केवल उन वाहनों पर बत्ती होगी जो आवश्यक सेवांए प्रदान करती है। मसलन, एंबुलेंस, पुलिस और दमकल। वीवीआईपी में मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्य सचिव को ही बत्ती लगाने का अधिकर होगा। इसका मतलब यह हुआ कि पहली बार जिलाधिकारी और एसएसपी को भी बत्ती उतारनी होगी।

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