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Uttarakhand: सरकार को झटका; सुप्रीम कोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के मामले में सभी पुनर्विचार याचिकाएं कीं खारिज
Sat, 15 Nov 2025 06:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 15 Nov 2025 06:38 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से कुंदन सिंह बनाम राज्य उत्तराखंड सहित कई संबंधित मामलों में दायर सभी रीव्यू पिटीशन (सिविल) वर्ष 2025 को खारिज कर दिया है।
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- फोटो : पीटीआई
विस्तार
उपनल कर्मचारियों के मामले में सरकार को सुप्रीम झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दीं।
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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से कुंदन सिंह बनाम राज्य उत्तराखंड सहित कई संबंधित मामलों में दायर सभी रीव्यू पिटीशन (सिविल) वर्ष 2025 को खारिज कर दिया है। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री प्रमोद सिंह गुसाईं के मुताबिक न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि पूर्व में 15 अक्तूबर 2024 को पारित आदेश में किसी भी तरह की स्पष्ट त्रुटि नहीं है, इसलिए उसके पुनर्विचार का कोई आधार नहीं बनता।
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इन याचिकाओं में राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2019 से 2021 के बीच दायर कई विशेष अनुमति याचिकाओं और सिविल अपीलों के खिलाफ पुनर्विचार मांगा गया था। सभी मामलों को एक साथ सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आदेश पूरी तरह न्यायसंगत है, जो पुनर्विचार योग्य नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट में पहले भी खारिज हुई थी याचिका
उपनल कर्मचारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2024 में भी राज्य सरकार की विशेष पुनर्विचार याचिका खारिज की थी। उपनल कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट के वर्ष 2018 के फैसले में कहा गया था कि कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए, लेकिन सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी।