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लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार बढ़ रहे हमले : प्रशांत भूषण
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Iजनसंगठनों ने दिखाई एकजुटता, जनता का घोषणापत्र जारी किया गयाI
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने कहा कि मौजूदा दौर में संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले तेज हो गए हैं। इस तरह के हमलों की चपेट में हमारी सभ्यता भी है। इन हमलों से जो तबाही होगी, उसका दंश हम सभी को झेलना होगा। उन्होंने कहा कि चौतरफा निराशा के माहौल में उम्मीद की किरणें भी हैं, हमें अपनी लड़ाई वहीं से शुरू करनी होगी।
प्रशांत भूषण देहरादून नगर निगम ऑडिटोरियम में राज्यभर के सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित ‘जीतेगा भारत, हारेगी नफरत’ राज्य सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यह सम्मेलन जीतेगा इंडिया, बनेगा भारत अभियान की ओर से आयोजित किया गया था। सम्मेलन में जनता का घोषणा पत्र भी जारी किया गया। विभिन्न विपक्षी दलों ने घोषणा पत्र में अपनी सहमति दी।
प्रशांत भूषण ने कहा कि मौजूदा सरकार लगभग हर संवैधानिक संस्था को कमजोर करने में जुटी हुई है। इनमें न्यायपालिका भी शामिल है और चुनाव आयोग भी। कैग पर भी सरकारी दबाव है तो अन्य उन सभी संस्थाओं पर भी जिन्हें सरकारी नियंत्रण से बाहर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इन संस्थाओं को अपनी तरह से चला रही है। ईवीएम के बारे में उन्होंने कहा कि ईवीएम पर लगातार शक जताया जा रहा है।
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पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कर्नाटक चुनाव को लेकर अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सैकड़ों संगठन एकजुट हुए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बनाई। राज्य सम्मेलन में सामाजिक संगठनों की ओर से जनता का घोषणा पत्र भी जारी किया गया। इस घोषणा पत्र में चुनाव प्रणाली में सुधार, आर्थिक समानता, प्रत्येक परिवार को घर, भू-बंदोबस्त, भू-कानून, वन प्रबंधन, जल प्रबंधन, बढ़ती बेरोजगारी, पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार, महिला अपराध, गैरसैंण राजधानी जैसे विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने कहा कि मौजूदा दौर में संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले तेज हो गए हैं। इस तरह के हमलों की चपेट में हमारी सभ्यता भी है। इन हमलों से जो तबाही होगी, उसका दंश हम सभी को झेलना होगा। उन्होंने कहा कि चौतरफा निराशा के माहौल में उम्मीद की किरणें भी हैं, हमें अपनी लड़ाई वहीं से शुरू करनी होगी।
प्रशांत भूषण देहरादून नगर निगम ऑडिटोरियम में राज्यभर के सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित ‘जीतेगा भारत, हारेगी नफरत’ राज्य सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यह सम्मेलन जीतेगा इंडिया, बनेगा भारत अभियान की ओर से आयोजित किया गया था। सम्मेलन में जनता का घोषणा पत्र भी जारी किया गया। विभिन्न विपक्षी दलों ने घोषणा पत्र में अपनी सहमति दी।
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प्रशांत भूषण ने कहा कि मौजूदा सरकार लगभग हर संवैधानिक संस्था को कमजोर करने में जुटी हुई है। इनमें न्यायपालिका भी शामिल है और चुनाव आयोग भी। कैग पर भी सरकारी दबाव है तो अन्य उन सभी संस्थाओं पर भी जिन्हें सरकारी नियंत्रण से बाहर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इन संस्थाओं को अपनी तरह से चला रही है। ईवीएम के बारे में उन्होंने कहा कि ईवीएम पर लगातार शक जताया जा रहा है।
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पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कर्नाटक चुनाव को लेकर अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सैकड़ों संगठन एकजुट हुए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बनाई। राज्य सम्मेलन में सामाजिक संगठनों की ओर से जनता का घोषणा पत्र भी जारी किया गया। इस घोषणा पत्र में चुनाव प्रणाली में सुधार, आर्थिक समानता, प्रत्येक परिवार को घर, भू-बंदोबस्त, भू-कानून, वन प्रबंधन, जल प्रबंधन, बढ़ती बेरोजगारी, पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार, महिला अपराध, गैरसैंण राजधानी जैसे विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया है।