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Dehradun News: स्टेशन पर लगे प्यास तो रेलवे से न रखें आस
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Iप्लेटफॉर्म पर बने वाटर कूलरों में नहीं है पानी, बाेतल खरीदना ही है जरियाI
मौसम का अगला पड़ाव गर्मी हैं। होली भी नजदीक है। स्टेशन पर यात्रियों की भीढ़ भी बढ़ रही है। अगर किसी को प्यास लगती है तो रेलवे से बिल्कुल आस भी आस नहीं है। प्लेटफॉर्म पर लगे वाटर कूलरों के नल सूख चुके हैं। कई दिनों से पानी नहीं है। ऐसे में अगर प्यास बुझानी है तो पानी की बोतल ही एक जरिया है।
कुछ इसी तरह के हालात नजर आए रविवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल में। भारतीय रेलवे स्टेशनों पर पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) और वाटर कूलर। मगर इन दिनों इनके नल सूखे हैं। रेलवे स्टेशन पर लगे सभी फिल्टर काम नहीं कर रहे हैं। ऐसी बात नहीं कि रेलवे स्टेशन पर पानी की सप्लाई नहीं हो रही। ट्रेनों में जलापूर्ति करने वाले पाईपों से लगातार पानी ट्रैक पर बह रहा है। जबकि, पेयजल के लिए बोतल पर निर्भर होना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर चार वाटर फिल्टर हैं। इनमें से किसी से भी पानी नहीं आ रहा है। दोपहर 1:22 बजे जब पड़ताल के दौरान इन्हें देखा गया तो यह सब सूखे हुए थे इनमें से किसी में भी पानी नहीं आ रहा था। वहीं प्लेटफाॅर्म संख्या तीन पर तीन वाटर फिल्टर हैं उन्हें भी जब दोपहर 1:39 बजे देखा गया तो इनमें भी पानी नहीं आ रहा था। उधर, प्लेटफॉर्म संख्या चार व पांच पर भी तीन वाटर फिल्टर हैं जो 2:01 बजे चलाकर देखा गया तो इनसे भी एक बूंद पानी नहीं आया।
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वहां मौजूद यात्रियों ने बताया कि यह फिल्टर लंबे समय से सूखे पड़े हैं। आने-जाने वाले यात्री टंकी का पानी पी रहे हैं। यात्री शुद्ध पानी के लिए बोतल खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है लेकिन अभी तक भी कोई तैयारी नहीं हुई है।
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मौसम का अगला पड़ाव गर्मी हैं। होली भी नजदीक है। स्टेशन पर यात्रियों की भीढ़ भी बढ़ रही है। अगर किसी को प्यास लगती है तो रेलवे से बिल्कुल आस भी आस नहीं है। प्लेटफॉर्म पर लगे वाटर कूलरों के नल सूख चुके हैं। कई दिनों से पानी नहीं है। ऐसे में अगर प्यास बुझानी है तो पानी की बोतल ही एक जरिया है।
कुछ इसी तरह के हालात नजर आए रविवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल में। भारतीय रेलवे स्टेशनों पर पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) और वाटर कूलर। मगर इन दिनों इनके नल सूखे हैं। रेलवे स्टेशन पर लगे सभी फिल्टर काम नहीं कर रहे हैं। ऐसी बात नहीं कि रेलवे स्टेशन पर पानी की सप्लाई नहीं हो रही। ट्रेनों में जलापूर्ति करने वाले पाईपों से लगातार पानी ट्रैक पर बह रहा है। जबकि, पेयजल के लिए बोतल पर निर्भर होना पड़ रहा है।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर चार वाटर फिल्टर हैं। इनमें से किसी से भी पानी नहीं आ रहा है। दोपहर 1:22 बजे जब पड़ताल के दौरान इन्हें देखा गया तो यह सब सूखे हुए थे इनमें से किसी में भी पानी नहीं आ रहा था। वहीं प्लेटफाॅर्म संख्या तीन पर तीन वाटर फिल्टर हैं उन्हें भी जब दोपहर 1:39 बजे देखा गया तो इनमें भी पानी नहीं आ रहा था। उधर, प्लेटफॉर्म संख्या चार व पांच पर भी तीन वाटर फिल्टर हैं जो 2:01 बजे चलाकर देखा गया तो इनसे भी एक बूंद पानी नहीं आया।
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वहां मौजूद यात्रियों ने बताया कि यह फिल्टर लंबे समय से सूखे पड़े हैं। आने-जाने वाले यात्री टंकी का पानी पी रहे हैं। यात्री शुद्ध पानी के लिए बोतल खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है लेकिन अभी तक भी कोई तैयारी नहीं हुई है।