प्रमुख सचिव और डीएम समेत तीन पर वाद दायर, मातृसदन ने लगाए गंभीर आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रमुख सचिव खनन एवं औद्योगिक विकास आनंदवर्द्धन, पूर्व खनन सचिव शैलेश बगौली और जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत के खिलाफ मातृसदन की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया है।
वाद में तीनों अफसरों पर गंगा में होने वाले अवैध खनन की अनदेखी करने के साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाया गया है।
मातृसदन के संत ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से दाखिल वाद में कहा गया है कि प्रमुख सचिव खनन एवं औद्योगिक विकास आनंदवर्द्धन, पूर्व सचिव शैलेश बगौली और जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत ने गंगा में होने वाले खनन को रोकने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
इस संबंध में हाईकोर्ट और एनजीटी की ओर से जो भी आदेश जारी किए गए, उनकी अनदेखी की गई है। ब्रह्मचारी दयानंद का कहना है कि प्रमुख सचिव खनन एवं औद्योगिक विकास ने 16 अक्तूबर को आदेश जारी किया है कि 24 अगस्त को जो आदेश जारी किए थे, वे रिकॉल किए जाएं।
मातृसदन का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा में भोगपुर तक खनन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ ही पांच किमी के दायरे में स्टोन क्रशर लगाने पर रोक लगा रखी है, लेकिन इसका सरेआम उल्लंघन हो रहा है।