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पिराई पर हरीश रावत का राजनीतिक 'पंच'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 03 Dec 2013 09:36 PM IST
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केंद्रीय मंत्री हरीश रावत और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के रिश्तों में इस बार गन्ना कड़वाहट घोल रहा था। हरीश रावत ने सरकार को पांच दिसम्बर का अल्टीमेटम दे पिराई शुरू कराने की बात कही। सरकार ने गन्ने पिराई पर उनके राजनीतिक पंच को समझ शाम को ही घोषणा कर दी।
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गन्ना किसानों मुद्दे पर कहीं न कहीं सरकार हरीश रावत को न तो मौका देना चाहती थी और न ही नाखुश करना चाहती थी। गन्ना विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी कहते हैं सरकार गन्ना किसानों की अनदेखी किसी हालत में नहीं होने देगी।
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एकजुटता का मैसेज
उन्होंने चीनी मिल मालिकों को दिए आश्वासन में कहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा केंद्रीय मंत्री हरीश रावत केसाथ प्रधानमंत्री से मिलकर उत्तराखंड की चीनी मिलों को घाटे से उबारने केलिए विशेष पैकेज का अनुरोध करेंगे। मैसेज साफ है सरकार इस मुद्दे में कहीं ने कहीं हरीश रावत को जोड़कर आलाकमान के सामने एकजुटता का मैसेज भी देना चाहती है।
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सड़क पर उतरकर आंदोलन करते
गन्ना किसानों को लेकर केंद्रीय मंत्री केतेवर काफी तीखे थे। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि अगर वह इस पद पर न होते सड़क पर उतरकर आंदोलन करते। दरअसल हरीश रावत के संसदीय क्षेत्र हरिद्वार के गन्ना किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। लोकसभा चुनाव के पहले अपनी ही सरकार केरवैये से रावत को अपने संसदीय क्षेत्र में सीधा राजनीतिक नुकसान हो रहा था।
अध्यक्ष पर संतुलन बने
प्रदेश नए प्रदेश अध्यक्ष की तैनाती को लेकर हरीश रावत का कहना है कि अभी उनसे इस विषय में कोई चर्चा नहीं हुई है। राय मांगी जाएगी तभी व्यक्त करुंगा लेकिन पार्टी को ध्यान रखना होगा कि संतुलन कायम रहे।
राज्यों के चुनाव प्रसार से लौटे रावत को उम्मीद है कि पांचों राज्यों में कांग्रेस आएगी। दो विधानसभा भवनों को लेकर उनका कहना है कि सरकार ने जब फैसला लिया है तो इसे स्पष्ट करना चाहिए कि स्टेटस क्या होगा।