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अच्छी खबर: पहाड़ों में आयुष इंडस्ट्री लगाने पर मिलेगी डेढ़ करोड़ की सब्सिडी, ये सुविधाएं भी मिलेंगी

Thu, 26 Sep 2019 10:15 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 26 Sep 2019 10:15 AM IST
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Subsidy of 1.5 crore rupees will be given for Ayush industry in mountain Areas Uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

पहाड़ों में आयुष इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार निवेशकों को डेढ़ करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। औद्योगिक विकास योजना और एमएसएमई नीति के तहत निवेश करने पर सरकार की तरफ से दिया जाने वाला वित्तीय प्रोत्साहन तो मिलेगा।

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इसके साथ ही आयुष विभाग भी निवेशकों को अधिकतम डेढ़ करोड़ तक की अतिरिक्त सब्सिडी देगा। सरकार ने बकायदा आयुष नीति में भी इसका प्रावधान किया है। सरकार का मानना है कि पहाड़ों में आयुष इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पहचान मिलेगी।
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त्रिवेंद्र सरकार का प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में आयुष सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए वेलनेस सेंटर, पंचकर्मा, आयुष फार्मास्युटिकल पर फोकस है। इसके लिए सरकार ने पहली बार प्रदेश में आयुष नीति तैयार की है। इस नीति के तहत पहाड़ों में वेलनेस सेंटर, रिजार्ट, फार्मास्युटिकल और पंचकर्मा में निवेश करने पर निवेशकों को अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
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वहीं, निवेशकों को एमएसएमई नीति के तहत भी सरकार कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है। आयुष सेक्टर में निवेशकों को उद्योग विभाग से मिलने वाली सभी वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। लेकिन आयुष विभाग की तरफ से अधिकतम डेढ़ करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। 

मसूरी और रामनगर में बनेंगे वेलनेस रिजार्ट 

सचिव आयुष आरके सुधांशु का कहना है इन्वेस्टर्स समिट में आयुष सेक्टर में 1751 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर एमओयू हस्ताक्षर हुए थे। इसमें अब तक 250 करोड़ के निवेश पर काम शुरू हुआ है। जिसमें मसूरी और रामनगर में वेलनेस रिजार्ट बनाए जा रहे हैं। 

एमएसएमई नीति में ये सुविधाएं
एमएसएमई क्षेत्र में निवेश करने पर सरकार ने पूरे प्रदेश को चार श्रेणियों में बांटा है और श्रेणी के हिसाब से मशीनरी लगाने के लिए अनुदान राशि व ब्याज दर में छूट का प्रावधान किया है। ‘ए’ श्रेणी के जिलों में छोटे उद्योग लगाने पर मशीनरी के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी और ब्याज दर में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसी तरह ‘बी’ श्रेणी में 35 प्रतिशत, ‘सी’ श्रेणी में 25 प्रतिशत और ‘डी’ श्रेणी में 15 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।

प्रदेश में निवेश करने पर वित्तीय प्रोत्साहन के लिए ये श्रेणी निर्धारित

श्रेणी     क्षेत्र
 पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर जिला।
बी  पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, नैनीताल, देहरादून जिला के पर्वतीय विकासखंड।
बी प्लस पौड़ी जिला के कोटद्वार, सिगड्डी, टिहरी के ढालवाला, मुनी की रेती, तपोवन नैनीताल का कोटाबाग व देहरादून का कालसी ब्लाक।
सी   रायपुर, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, रामनगर व हल्द्वानी विकासखंड।
डी  हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिला, देहरादून व नैनीताल जिला (बी, बी प्लस व सी श्रेणी में शामिल क्षेत्र को छोड़कर)।
                  
प्रदेश में आयुष सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीति बनाई है। पहाड़ों में वेलनेस सेंटर, पंचकर्मा व रिजार्ट बनाने के लिए निवेशकों को आयुष विभाग डेढ़ करोड़ की अलग से सब्सिडी देगा। प्रदेश में आयुष सेक्टर में निवेश की काफी संभावनाएं है। निवेश होने से प्रदेश में पर्यटन भी बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
- डॉ.हरक सिंह रावत, आयुष मंत्री

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