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गाइडों और मॉडल पेपरों के सहारे बुन रहे भविष्य का तानाबाना

Mon, 16 Sep 2019 01:15 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:15 AM IST
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Students studying with the help of guides and model papers when they are not teachers
जीआईसी साहिया का जर्जरहाल भवन। - फोटो : VIKAS NAGAR
शिक्षा विभाग की हीलाहवाली जीआईसी साहिया में पढ़ने वाले छात्रों पर भारी पड़ रही है। बीते तीन साल से स्कूल में अंग्रेजी और रसायन विज्ञान विषय के प्रवक्ता के पद रिक्त पड़े हैं। इसके साथ ही एलटी हिंदी के पद पर भी लंबे समय से कोई तैनाती नहीं हुई। शिक्षक की तैनाती न होने से छात्र गाइड और मॉडल पेपर के सहारे के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। बीते साल विभाग ने नए सत्र की शुरुआत पर पदों पर शिक्षक तैनाती का भरोसा दिलाया था लेकिन, सत्र शुरू होने के छह माह बाद भी स्कूल में शिक्षकों का पद रिक्त पड़ा है।
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पीटीए अध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह तोमर, केशर सिंह तोमर, अमीत बिष्ट आदि का कहना है कि अक्तूबर में छात्रों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में शिक्षक तैनाती न होने से इस बार भी छात्रों को बिना पढ़े ही परीक्षा देनी पड़ेगी। बताया कि स्कूल में प्रशासनिक अधिकारी और सहायक का पद भी रिक्त पड़ा है। कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। विद्यालय में शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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स्कूल भी जर्जरहाल
साहिया। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने वर्ष 1966-67 में विद्यालय का निर्माण किया। जिसके बाद विभाग ने स्कूल की कोई सुध नहीं ली। जिसके बाद से स्कूल भवन गिरासू स्थिति में पहुंच गया है। कई कमरों में दरारें और सीलन आ गई हैं। छात्रों को डर के साए में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। कहा यदि विभाग ने समय रहते स्कूल में मेंटीनेंस कार्य नहीं कराया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बताया कि स्कूल में बालिका शौचालय भी नहीं है जबकि स्कूल में 400 छात्रों में से 150 छात्राएं हैं। उन्होंने स्कूल भवन की मरम्मत के साथ ही बालिका शौचालय निर्माण की भी मांग की।
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जर्जरहाल भवन की स्थिति और शिक्षकों की तैनाती की मांग पर संबंधित पत्रावलियां उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी हैं। एक बार फिर पीटीएम के माध्यम से पत्रावलियां तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएंगी।

चंद्र भूषण विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य
शिक्षक तैनाती के संबंध में प्रस्ताव बना शासन को भेजा जा चुका है। जर्जरहाल भवन के संबंध में भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बजट मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी।
अतर सिंह चौहान, खंड शिक्षाधिकारी, कालसी
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