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गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रों को प्रवेश के लिए सीयूईटी से मिले छूट : जुगरान
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भाजपा नेता रविंद्र जुगरान के मुताबिक महाविद्यालयों में आधी सीटें हैं खाली
पिछले साल सीयूईटी के लिए नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ बना दिए गए थे केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को सीयूईटी से छूट मिलनी चाहिए। यह कहना है भाजपा नेता व राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान का।
जुगरान ने मामले में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय के कुलपति को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर पिछले तीन साल से कराई जा रही सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय को छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र की विषय भौगोलिक परिस्थिति एवं प्रवेश परीक्षा के बहुत कम प्रचार प्रसार से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय के लगभग सभी महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के बाद अधिकर सीटें खाली हैं। देहरादून के डीएवी, डीबीएस व एमकेपी कालेज में कई सीटें नहीं भर पाई। जुगरान ने बताया कि पिछले साल सीयूईटी के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए प्रदेश में परीक्षा केंद्र न बनाकर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में केंद्र बना दिए गए। उन्होंने बताया कि पूर्व में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका पर यह व्यवस्था बनी थी कि खाली सीटों को 12 वीं के अंकों के आधार पर भरा जाएगा। गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय की ईसी की बैठक में भी इस व्यवस्था को स्वीकार किया है।
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पिछले साल सीयूईटी के लिए नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ बना दिए गए थे केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को सीयूईटी से छूट मिलनी चाहिए। यह कहना है भाजपा नेता व राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान का।
जुगरान ने मामले में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय के कुलपति को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर पिछले तीन साल से कराई जा रही सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय को छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र की विषय भौगोलिक परिस्थिति एवं प्रवेश परीक्षा के बहुत कम प्रचार प्रसार से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय के लगभग सभी महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के बाद अधिकर सीटें खाली हैं। देहरादून के डीएवी, डीबीएस व एमकेपी कालेज में कई सीटें नहीं भर पाई। जुगरान ने बताया कि पिछले साल सीयूईटी के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए प्रदेश में परीक्षा केंद्र न बनाकर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में केंद्र बना दिए गए। उन्होंने बताया कि पूर्व में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका पर यह व्यवस्था बनी थी कि खाली सीटों को 12 वीं के अंकों के आधार पर भरा जाएगा। गढ़वाल केंद्रीय विश्व विद्यालय की ईसी की बैठक में भी इस व्यवस्था को स्वीकार किया है।
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