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स्कूल में ताला ठोक आए 'विद्यार्थी'
अमर उजाला, लालकुआं/रुद्रपुर/कपकोट
Updated Wed, 25 Sep 2013 09:25 AM IST
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इस देश की इतनी दुर्दशा हो चुकी है कि अब बच्चों को भी हक के लिए सड़क पर आना पड़ गया है। पहाड़ों पर अभिभावकों ने शिक्षक नहीं होने से स्कूलों में ताले ठोक दिए हैं।
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कुमांऊ के तराई-भाबर में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई का हर्जा होने से परेशान नौनिहाल गुस्से से तमतमा उठे। बच्चों और अभिभावकों का गुस्सा गलत नहीं है। जहां पहले से ही शिक्षक कम हैं वहां से भी सरकार ने शिक्षकों के तबादले कर दिए हैं।
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छात्रों ने खोला मोर्चा
लालकुआं जीआईसी के करीब ढाई हजार विद्यार्थियों ने सोमवार को चिलचिलाती धूप में नगर पंचायत अध्यक्ष रामबाबू मिश्रा का घर घेर लिया।
विद्यालय की छात्राओं ने जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए कहा कि जो नेता शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा करते हैं उन्हें विद्यालयों के हाल देख शर्म आनी चाहिए। लालकुआं राजकीय इंटर कालेज में शिक्षकों के दो दर्जन पद खाली हैं।
दो पाले में चलता है स्कूल
2500 बच्चों वाले स्कूल में इस वक्त कुल 20 अध्यापक हैं। यह जिले का एकमात्र ऐसा स्कूल होगा जो दो पालियों में चलता है। सुबह लड़कों और दोपहर लड़कियों के लिए। बावजूद इसके सरकार इन बच्चों को शिक्षक नहीं देना चाहती।
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बीते दिनों शिक्षा विभाग ने यहां से आठ अध्यापकों का तबादला कर दिया और बदले में केवल दो अध्यापकों की तैनाती की। श्रम और शिक्षा मंत्री के समक्ष मामला उठाने पर भी जब समस्या हल नहीं हुई तो विद्यार्थियों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया।
पछास ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रहे परिवर्तनकामी छात्र संगठन ने चेतावनी दी है यदि समय रहते अध्यापकों की तैनाती नहीं हुई तो श्रम मंत्री हरीश दुर्गापाल का भी घेराव किया जाएगा।
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उधर, रुद्रपुर में भी रामपुर रोड स्थित एएनझा राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र सड़क पर उतर आए। उन्होंने कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया और जाम लगाने की कोशिश की। वे तीन अध्यापकों का स्थानांतरण रोकने की मांग कर रहे थे।
प्रधानाचार्य का भी फूंका पुतला
छात्रों ने कॉलेज प्रधानाचार्य का पुतला भी फूंका। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को शांत कर वापस कॉलेज भेज दिया।
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छात्रों का कहना था कि कॉलेज के तीन अध्यापकों का स्थानांतरण किया जा रहा है, जिसे छात्र हितों को देखते हुए रोका जाए। साथ ही दो वर्ष से कॉलेज में भौतिक विज्ञान और गणित के अध्यापक भी नहीं है।
यहीं नहीं कॉलेज के प्रधानाचार्य इंटर और हाईस्कूल के अध्यापक की व्यवस्था के लिए प्रत्येक छात्र से 50 रुपये का शुल्क भी मांग रहे हैं। प्रधानाचार्य हयात सिंह मियान ने बताया कि तीन अध्यापकों के ट्रांसफर हुए हैं।
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स्कूल पर लगे ताले
दो एलटी शिक्षक विद्यालय को मिल चुके हैं। यदि कोई दिक्कत आएगी तो पीटीसी शिक्षकों को व्यवस्था के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय पोथिंग (कपकोट) में तैनात तीन शिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिए जाने और एक शिक्षक के एक सितंबर से चिकित्सा अवकाश पर होने से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर विद्यालय में ताले लगा दिए।