फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Students bags burden will be reduced from the upcoming academic session: Education Minister Dr. Dhan Singh

Uttarakhand: खुशखबरी...छात्रों के बस्ते का बोझ होगा कम, बोले शिक्षा मंत्री- नए सत्र से लागू होगी नई व्यवस्था

Thu, 04 Jan 2024 11:23 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 04 Jan 2024 11:23 AM IST
सार

बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के लिए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने एससीईआरटी उत्तराखंड के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री के अनुसार आगामी सत्र से ही नई व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
Students bags burden will be reduced from the upcoming academic session: Education Minister Dr. Dhan Singh
धन सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, आगामी शिक्षा सत्र से छात्र-छात्राओं के बस्ते का बोझ कम होगा। शिक्षा महानिदेशालय में विभिन्न बोर्ड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मंत्री ने कहा, इसके लिए सरकार की ओर से जल्द दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। आदेश के पालन की जिम्मेदारी मुख्य शिक्षाधिकारियों की होगी।

विज्ञापन


प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में तैनात संविदा व नियत वेतनमान पर कार्यरत अस्थाई शिक्षिकाओं को भी मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जाएगा। मंत्री ने कहा, राज्य के सभी विद्यालयों में बच्चों के बस्ते का बोझ कम कर तय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। इसके लिए एससीईआरटी उत्तराखंड के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन


जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा
शासन से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद आगामी सत्र से ही नई व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। इससे पूर्व 26 जनवरी 2024 तक पूरे प्रदेश में निजी स्कूल संचालकों, प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं अभिभावकों के साथ जिला व राज्य स्तर पर बैठकों का आयोजन कर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा मंत्री ने कहा, राज्य में आईसीएसई, सीबीएसई, उत्तराखंड बोर्ड एवं भारतीय शिक्षा बोर्ड के तहत कक्षा-एक से 12 तक के निजी विद्यालय संचालित की किए जा रहे हैं, जिनमें पढ़ने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ उनकी क्षमता से कई गुना अधिक है। जिसको कम करने के लिए नई शिक्षा नीति-2020 में भी सिफारिश की गई है, इसके अलावा मद्रास हाईकोर्ट के द्वारा वर्ष 2019 में जारी आदेश के क्रम में राज्य सरकार पहले ही बस्ते का बोझ कम करने का आदेश जारी कर चुकी है। जिसका पालन राज्य में नहीं हो सका।

ये भी पढ़ें...सबके राम: मैं हैरान रह गया जब एसडीएम बोले, मैं भी हूं राम भक्त...मंत्री ने आंदोलन के समय की यादों को किया साझा

संविदा और अस्थाई शिक्षिकाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश

शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत संविदा व अस्थायी शिक्षिकाओं को अन्य कार्मिकों की भांति मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। इस संबंध में विभागीय स्तर से सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए जाएंगे। बैठक में नए निजी विद्यालयों को वित्तीय अनुदान के स्थान पर एकमुश्त धनराशि (टोकन मनी) देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए नियमावली में संशोधन किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed