तिब्बत की आजादी के लिए छात्र ने देहरादून में किया आत्मदाह!
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देहरादून जिले के विकासनगर में बीती 29 फरवरी को संदिग्ध हालात में एक तिब्बती छात्र के झुलसने के बाद उसे दिल्ली के सफरदजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के बारे में एक एजेंसी का दावा है कि छात्र ने तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर चीन के विरोध में आत्मदाह का प्रयास किया। स्थानीय पुलिस ने छात्र के झुलसने की पुष्टि की है, मगर घटना के कारणों के बारे में जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कही है। इस संबंध में दून पुलिस के एक उपनिरीक्षक को दिल्ली भेजा गया है।
उधर, बीजिंग से जारी एजेंसी की खबर के अनुसार बुधवार को एक मानवाधिकार संगठन ने बताया कि सोमवार को दो तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं ने आत्मदाह किया। इसमें से एक बौद्ध भिक्षु ने चीन और दूसरे किशोर भिक्षु ने भारत में आत्मदाह की कोशिश की है।
दिल्ली के अस्पताल में कराया भर्ती
रेडियो फ्री एशिया और फ्री तिब्बत के मुताबिक देहरादून में सोमवार को 16 वर्षीय डोरजी थेरिंग ने चीन के विरोध में खुद को आग के हवाले कर दिया। उसको दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसमें उसके शरीर का 95 फीसदी हिस्सा झुलस चुका था। एक वीडियो में वह अस्पताल में तिब्बत को आजाद करने की मांग करता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, डोरजी थेरिंग (16) पुत्र थुपटेन तिब्बती होम फाउंडेशन मसूरी में 10वीं का छात्र है। उसके माता-पिता मनाली हिमाचल प्रदेश में रहते हैं। बताया जा रहा है कि डोरजी घटना से कुछ दिन पूर्व माता-पिता के साथ लक्खनवाला थाना सहसपुर (जिला देहरादून) स्थित ओल्ड ऐज होम में अपने दादा थेपटनचौंप हेल से मिलने आया था।
बीती 29 फरवरी को वह संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गया। उसे गंभीर हालत में हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दून रेफर कर दिया गया। यहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया।
अब तक 144 बौद्ध भिक्षु कर चुके हैं आत्मदाह
घटना का खुलासा तब हुआ जब सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने पर दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधा। तिब्बती छात्र के झुलसने को शासन प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। खुफिया विभाग भी घटना के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
छात्र के झुलसने के संबंध में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे तिब्बती की आजादी के लिए आत्मदाह का प्रयास मान रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी ने बताया कि जांच के लिए एक दारोगा को दिल्ली भेजा गया है।
उधर, बीजिंग से जारी एजेंसी की खबर के अनुसार रेडियो फ्री एशिया ने बताया कि सोमवार को कल्सांग वांगडू ने सियाचिन प्रांत के तिब्बती इलाके में अपने मठ के सामने आत्मदाह कर लिया।
लंदन के फ्री तिब्बत अभियान समूह ने भी वांगडू की मौत की पुष्टि की है। चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में इस साल बौद्ध भिक्षुओं के आत्मदाह करने का यह पहला मामला है। रेडियो फ्री एशिया के मुताबिक चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अब तक 144 बौद्ध भिक्षु आत्मदाह कर चुके हैं।